

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : CGST & Central Excise Haldia Commissionerate की एंटी-इवेजन यूनिट ने फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 मार्च 2026 को दूसरी गिरफ्तारी की है। इससे पहले इसी मामले में पहली गिरफ्तारी 6 मार्च को की गई थी। यह मामला फर्जी कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक लेन-देन के ITC का गलत लाभ उठाने से जुड़ा है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि एक फर्जी फर्म किसी व्यक्ति की जानकारी और सहमति के बिना उसके नाम पर GST में रजिस्टर कर दी गई थी। जब टीम ने उस फर्म के घोषित पते पर भौतिक सत्यापन किया, तो वहां कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नहीं पाई गई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि फर्म सिर्फ कागजों पर मौजूद थी और इसका इस्तेमाल फर्जी बिलिंग के लिए किया जा रहा था।
आगे की जांच में GST रिटर्न और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल से सामने आया कि इस फर्जी इकाई के माध्यम से लगभग 8.95 करोड़ रुपये का ITC धोखाधड़ी से लिया गया। अधिकारियों ने सबूतों के आधार पर कई लोगों की भूमिका की पहचान की है, जो इस फर्जी नेटवर्क के संचालन में शामिल थे। दूसरी गिरफ्तारी भी इसी कड़ी में की गई है, जिसे Central Goods and Services Tax Act, 2017 के प्रावधानों के तहत अंजाम दिया गया।
विभाग अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी कंपनियों की पहचान करने में जुटा हुआ है। विभाग ने दोहराया है कि टैक्स चोरी, फर्जी GST रजिस्ट्रेशन और नकली ITC के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि राजस्व नुकसान को रोका जा सके।