

सूरज, सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल : शारदीय दुर्गोत्सव के शुभ आगमन से पहले मां दुर्गा के स्वागत के लिए आसनसोल गर्ल्स कॉलेज में शुक्रवार को ‘आगमनी’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर पूरे दिन मां के आगमन के उल्लास और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की वंदना और आगमनी गीतों के साथ हुई। इसके बाद छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
धुनुची नृत्य और कलारिपायट्टू बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण दो विशेष प्रस्तुतियां रहीं। पहली, बंगाल की परंपरा और पहचान माने जाने वाले धुनुची नृत्य की सजीव प्रस्तुति। ढाक की थाप और धुनुची के धुएं के बीच छात्राओं के लयबद्ध नृत्य ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दूसरा आकर्षण रहा दक्षिण भारत की 3000 साल पुरानी युद्ध कला कलारिपायट्टू का प्रदर्शन। छात्राओं ने इस युद्ध कला के माध्यम से आत्मरक्षा के गुर दिखाए और अपनी फुर्ती और साहस का परिचय दिया। इस प्रदर्शन को देखकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
महिला सशक्तिकरण का संदेश
मौके पर आसनसोल उत्तर के विधायक एवं आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि आज के समय में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेना बेहद जरूरी है। कलारिपायट्टू जैसी प्राचीन युद्ध कलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाती हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी आत्मविश्वास और आत्मबल को बढ़ाती हैं। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर स्वाती नंदी चक्रवर्ती, IQAC को-ऑर्डिनेटर डॉक्टर बीरू रजक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।