डिटेंशन कैंप से लौटे मजदूरों के परिवार से मिले MLA नूर आलम

जिला के चार मजदूरों को बांग्लादेशी होने के शक में छत्तीसगढ़ में किया गया था गिरफ्तार
मजदूरों के परिवार से बातचीत करते विधायक नूर आलम
मजदूरों के परिवार से बातचीत करते विधायक नूर आलम
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मुर्शिदाबाद : छत्तीसगढ़ के डिटेंशन कैंप से रिहा होने के बाद घर लौटते ही शमशेरगंज के MLA नूर आलम ने मजदूरों और उनके परिवारों से मुलाकात की। शनिवार सुबह वे शमशेरगंज के धानघड़ा गांव गए और मजीदूरों के परिवार वालों से बातचीत की। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मुर्शिदाबाद के सुती और शमशेरगंज इलाकों के 23 मज़दूरों को बांग्लादेशी होने के शक में छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में 19 मजदूरों को छोड़ दिया गया, लेकिन चार मजदूरों को इसलिए हिरासत में लिया गया कारण उनके नाम वोटर लिस्ट में 'अंडर एडजुडिकेशन' थे। इस घटना से मजदूरों के परिवारों में चिंता फैल गई। परिवार वालों ने अपनों की वापसी की मांग के लिए प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाया। शमशेरगंज के MLA नूर आलम, MP खलीलुर रहमान और MP समीरुल इस्लाम ने इस मामले में पहल की। ​​हिरासत में लिए गए मजदूरों की रिहाई की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार हिरासत में लिए गए चारों मजदूरों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया। डिटेंशन कैंप से रिहा होने के बाद वे चारों घर लौट आए। मजदूरों के घर लौटने के बाद MLA नूर आलम शनिवार सुबह धानघड़ा गांव पहुंचे और मजदूरों के परिवारों से मिले। उन्होंने उनके परिवार वालों से बात की और पूरी स्थिति के बारे में पूछा। लंबे समय बाद अपने लोगों को वापस पाकर संबंधित परिवार राहत महसूस कर रहे हैं। MLA नूर आलम ने आने वाले दिनों में उनके साथ रहने का भरोसा दिया। MLA के साथ निमतीता ग्राम पंचायत प्रधान के प्रतिनिधि शाहनवाज खान चौधरी और दूसरे नेता भी थे।

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