बहू को मौत के घाट उतारने वाले ससुर को उम्रकैद की सजा

अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
बहू को मौत के घाट उतारने वाले ससुर को उम्रकैद की सजा
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आसनसोल : गत 13 अगस्त वर्ष 2005 की देर रात जामुड़िया थाना अंतर्गत चुरुलिया इलाके में टुम्पा घोरुई नामक एक विवाहिता की गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। उक्त मामले में वर्ष 2005 से ही अभियुक्त बनाए गए अभियुक्त शंकर घोरुई को बीते सोमवार को आसनसोल जिला अदालत के फर्स्ट ट्रैक सेकंड कोर्ट की न्यायाधीश महुआ राय बासु ने दोषी करार कर दिया था। वहीं मंगलवार को उसे पुनः कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उक्त कोर्ट की न्यायाधीश महुआ राय बासु ने तमाम बिंदुओं पर विचार करते हुए कुल 19 लोगों की गवाही तथा सबूतों के मद्देनजर उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। उक्त मामले पर सरकारी पक्ष के वकील विन्यानंद चटर्जी ने वकालत की है। उन्होंने बताया कि इस मामले पर उक्त कोर्ट के न्यायाधीश ने मामले पर उचित कार्रवाई करते हुए मृतका टुम्पा घोरुई के परिवार वालों को इंसाफ दिलाया है। वहीं दोषी की सजा की खबर सुनकर कोर्ट परिसर में काफी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि मृतका के परिजनों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज भी उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी पक्ष के अधिवक्ता विन्यानंद चटर्जी का भी शुक्रिया अदा किया।

क्या था पूरा मामला ?

बता दें कि गत 10 मई वर्ष 2005 को मृतका टुम्पा घोरुई की शादी हाराधन घोरुई नामक एक व्यक्ति से सम्पन्न कराई गई थी। वहीं शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करने लगे थे। हालांकि शादी के तीन महीने बाद ही गत 13 अगस्त वर्ष 2005 की देर रात बाथरूम में विवाहिता टुम्पा घोरुई का गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। बता दें कि इस मामले में मृतका के पति समेत 6 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। हालांकि साक्ष्य के अभाव में अदालत ने उसके पति हाराधन घोरुई समेत 5 लोगों को बरी कर दिया था, जबकि मामले पर सिर्फ मृतका के ससुर को ही दोषी पाया गया था। बताया जाता है कि इस मामले पर हत्या की धारा 302 के तहत उस अभियुक्त को दोषी पाया गया। उक्त सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आसनसोल जिला अदालत के फर्स्ट ट्रैक सेकंड कोर्ट की न्यायाधीश महुआ राय बासु ने इस धारा के अनुसार अभियुक्त को दोषी पाकर उसकी सजा मुकर्रर कर दी।

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