

संजय, सन्मार्ग संवाददाता
बर्दवान : बारुईपुर के बाद गाइघाटा एवं मुर्शिदाबाद में हुए एनकाउंटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की उद्योग राज्य मंत्री मौमिता विश्वास मिश्र ने कहा कि यही तो बदलाव का बंगाल है। जनता यही बदलाव चाहती थी, महिला सुरक्षा चाहती थी। 49 सालों में कभी महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने कहा, वाममोर्चा के शासनकाल में भी कोई न्याय नहीं मिला, किसी घटना की जांच नहीं होती थी। और पिछले 15 सालों से कोई भी अपराध होते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री का एक ही बयान होता था कि छोटी घटना है, लड़की की ही गलती थी, लड़की रात में फुचका खाने क्यों गई, लड़की गर्भवती थी, लव अफेयर था। यह सही है कि कोई भी अपराध किसी के नियंत्रण में नहीं है, लेकिन अपराध होने के बाद उसकी जांच और उसका न्याय, प्रशासन के हाथ में है। आज बंगाल ने देखा है कि हमारे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद कहा था कि यहां हम कोई गुंडागर्दी बर्दाश्त (टोलरेट) नहीं करेंगे और महिलाओं का कोई अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम जीरो टॉलरेंस पर काम करेंगे। और आज पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति ने यह देखा है। बारुईपुर की घटना और गाइघाटा व मुर्शिदाबाद की घटना, दोनों ने आज यह साबित कर दिया है कि प्रशासन ने अपना वादा निभाया है और महिलाएं आज पश्चिम बंगाल की धरती पर सुरक्षित हैं। क्या भविष्य में भी ऐसी घटनाओं में इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी? इस सवाल के जवाब में मौमिता ने बताया कि जिस तरह से बारुईपुर और गाइघाटा में जो आरोपी साबित होने के लिए गिरफ्तार किए गए थे, उन्हें जांच के लिए घटना स्थल पर ले जाया जाता है और उनसे सहयोग करने को कहा जाता है। लेकिन वे खुद को सुपरहीरो समझने लगते हैं, यह सोचकर कि उन्हें किसका आशीर्वाद मिल जाएगा कि शायद टीएमसी की तरह कह दिया जाएगा कि यह छोटी घटना है हम देख रहे हैं या कोई अन्य लोग आ जाएंगे। वैसा तो होगा नहीं। तो वे पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर पुलिस पर ही हमला करने लगे। ऐसे में आत्मरक्षा के लिए तो पुलिस को कदम उठाने ही पड़ेंगे। भविष्य में भी अगर कोई अपराधी ऐसा करेगा, तो उसके साथ यही कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि पश्चिम बंगाल की मिट्टी पर किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, प्रशासन जीरो टॉलरेंस के साथ काम करेगा।