प्रधान, उपप्रधान समेत नवग्राम पंचायत के 8 सदस्यों ने दिया इस्तीफा

नवग्राम पंचायत
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पांडवेश्वर : पांडवेश्वर ब्लॉक अंतर्गत नवग्राम ग्राम पंचायत में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया। पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के बंकोला स्थित गोदाम से भारी मात्रा में राहत सामग्री (तिरपाल, मच्छरदानी, साड़ियां, बच्चों के पोषक आदि) और ECL निर्मित गेस्ट हाउस के एक लक्जरी बेडरूम से आपत्तिजनक चीजें बरामद होने के बाद पैदा हुए विवाद के चलते नवग्राम ग्राम पंचायत की प्रधान प्रिया बागदी, उपप्रधान सतन मंडल समेत 8 सदस्यों ने स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सभी जनप्रतिनिधियों ने पांडवेश्वर के BDO को अपना लिखित इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों में उषा देवी,सुभाष चंद्र हांसदा, आरती बाउरी, सोनाली कोरा, बैशाखी राउत और जीना दास शामिल है। गौरतलब है कि कुल 18 सदस्यों वाली इस पंचायत में एक सदस्य की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अब बचे हुए 17 सदस्यों में से 8 के इस सामूहिक फैसले के बाद नवग्राम पंचायत तृणमूल कांग्रेस के हाथ से फिसलती हुई दिखाई दे रही है।

" त्यागपत्र में छलका दर्द -'जनता को जवाब देने का साहस नहीं बचा"

BDO को दिए गए त्यागपत्र में सभी सदस्यों ने लगभग एक जैसा गंभीर कारण बताते हुए लिखा है, "गत 5 जून 2026 को टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से हमें पता चला कि हमारे पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के गोदाम से भारी मात्रा में राहत सामग्री और गेस्ट हाउस के रूम से आपत्तिजनक चीजें बरामद की गई हैं। इस घटना के बाद एक जन-प्रतिनिधि के रूप में खुद को समाज के सामने पेश करने में हमें बेहद शर्मिंदगी महसूस हो रही है। इस्तीफे में आगे लिखा गया है, "जब हम जनता के बीच जाते हैं, तो लोग हमसे तीखे सवाल पूछते हैं कि आखिर क्यों सही समय पर जरूरतमंद लोगों को राहत का तिरपाल नहीं मिल पाता, जबकि पूर्व विधायक के घर में हजारों-हजार तिरपाल अवैध रूप से डंप करके रखे गए हैं? हमारे पास जनता के इन जायज सवालों का कोई जवाब देने की क्षमता या शक्ति नहीं बची है।

किरीटी मुखर्जी ने पंचायत समिति कर्माध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

पांडवेश्वर पंचायत समिति के लोक निर्माण (PWD) एवं परिवहन विभाग के कर्माध्यक्ष किरीटी मुखर्जी ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस औचक फैसले से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। किरीटी मुखर्जी पांडवेश्वर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिसके कारण इस इस्तीफे के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए चुनाव के परिणाम आने के बाद पांडवेश्वर के पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने मतगणना केंद्र में धांधली होने का आरोप लगाया था। किरीटी मुखर्जी ने इस पर तीखा कटाक्ष करते हुए पूर्व विधायक पर निशाना साधा था। मुखर्जी ने कहा था कि मतगणना केंद्र में किसी भी प्रकार की धांधली नहीं हुई थी। पूर्व विधायक अपनी कमियों व खामियों को नजरअंदाज कर जनता की सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रहे हैं और ऐसा पोस्ट कर पांडवेश्वर की जनता को गुमराह कर रहे हैं। हालांकि, कर्माध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने के बाद जब किरीटी मुखर्जी से बात की गई, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्होंने यह कदम पूरी तरह से अपने व्यक्तिगत कारणों से उठाया है। इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। 17 सीटों वाली पांडवेश्वर पंचायत समिति बोर्ड पर वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस का पूर्ण कब्जा है।

किरीटी मुखर्जी
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