खोट्टाडीह कोलियरी में बीएमएस का हल्ला बोल

पानी, चेयरलिफ्ट, एफएसवी और संडे ड्यूटी के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों से बात करते अधिकारी
प्रदर्शनकारियों से बात करते अधिकारी
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संजय सन्मार्ग संवाददाता पांडवेश्वर : ईसीएल के पांडवेश्वर क्षेत्र अंतर्गत खोट्टाडीह कोलियरी में मजदूरों की समस्याओं और प्रबंधन की कथित उदासीनता के खिलाफ बीएमएस से संबद्ध खान श्रमिक कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन के बैनर तले कोयला कामगारों ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके कारण कोलियरी का कामकाज घंटों पूरी तरह प्रभावित रहा।

पानी और परिवहन को लेकर फूटा गुस्सा

संगठन के सचिव मिलन घोष ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए प्रबंधन पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलियरी प्रांगण में कामगारों को पीने का शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। खदान के अंदर पिट बॉटम से फेस तक की दूरी ढाई किलोमीटर से अधिक है। वर्ष 2024 से प्रबंधन यहां चेयरलिफ्ट लगाने का वादा कर रहा है, लेकिन आज तक धरातल पर कामगारों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है।

उन्होंने गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम पैकेज के तहत एक प्राइवेट कंपनी द्वारा मुहैया कराई गई फ्री स्टिअर्ड व्हीकल (एफएसवी) बस पिछले करीब डेढ़ साल से खदान के अंदर बेकार (आइडल) खड़ी है। आर-6 सीम में काम पूरा होने के बाद अन्य सीम में इस बस का उपयोग नहीं किया जा रहा है, बावजूद इसके प्राइवेट संस्था को बस के लिए भुगतान किया जा रहा है।

नुकसान पर उठाए सवाल

बीएमएस नेता ने प्रबंधन के उन तर्कों को खारिज किया जिसमें दो-दो कंटीन्यूअस माइनर (सीएम) मशीनें चलाने के बावजूद कोलियरी को नुकसान में बताया जा रहा है और यहां कामगारों को संडे ड्यूटी से महरूम रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन नुकसान के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक करे। यदि दो मशीनें चलाने पर भी खदान घाटे में है, तो फिर तीसरी सीएम मशीन लगाने के लिए इतनी जल्दबाजी और सक्रियता क्यों दिखाई जा रही है? इसके अलावा, खदान के भीतर खराब वेंटिलेशन और डस्ट के कारण कम होती विजिबिलिटी (दृश्यता) के मुद्दे पर भी प्रबंधन को घेरा गया।

प्रबंधन ने दिया आश्वासन, दी सफाई

हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) पल्लव खस्तगीर, कोलियरी एजेंट धर्मेंद्र कुमार साहा और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूनियन के नेताओं से वार्ता कर मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

वहीं, क्षेत्रीय महाप्रबंधक अमिताभ भट्टाचार्य ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि ईएफसीडी की बैठक में घाटे में चल रही खदानों में संडे ड्यूटी बंद रखने का निर्णय लिया गया था, जो स्थानीय प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। पानी की समस्या पंप में खराबी के कारण आई है, जिसे अगले 3-4 दिनों में ठीक कर लिया जाएगा। खदान के अंदर आवाजाही के लिए चेयरलिफ्ट का काम प्रगति पर है और इसे आने वाले कुछ महीनों में शुरू कर दिया जाएगा। एफएसवी बस के भुगतान के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बस में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे दुरुस्त करने के लिए कंपनी को कह दिया गया है। वाहन ठीक होते ही उसका संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। बंद पड़ी एफएसवी के लिए कोई भुगतान प्राइवेट कंपनी को नहीं हुआ है।

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