

बाराबनी : ईसीएल श्रीपुर सातग्राम क्षेत्र की भनौड़ा कोलियरी के चरणपुर ओसीपी खदान का विस्तार किया जा रहा है लेकिन आदिवासी ग्रामीणों की बस्ती होने से खनन प्रभावित हो रहा है। ईसीएल की ओर से मंगलवार को दोबारा जगह खाली कराने के लिए अधिकारी पहुंचे। 128 लोगों में से 40- 45 लोगों ने नोटिस को स्वीकार किया जबकि अन्य नोटिस लेने से पीछे हट गए। अधिकारियों के समक्ष कुछ ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए अधिकारियों की हाथ- पैर तोड़ने की धमकी दी, साथ ही उनकी गाड़ियों में आग लगाने की धमकी दी। ईसीएल के कार्मिक प्रबंधक रणवीर राठौर ने कहा कि जिन लोगों ने नोटिस नहीं लिया तो नोटिस उनके घरों की दीवारों पर चिपका दिया गया। नोटिस में आगामी 6 अगस्त तक ईसीएल की जमीन छोड़ने की सूचना दी गई है। अगर समयानुसार जगह खाली नहीं की गयी तो उनलोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर ईसीएल के सुरक्षा अधिकारी और महिला कर्मी उपस्थित थे। सनद रहे कि यहां ईसीएल की जमीन पर कुल 135 की संख्या में आदिवासी घर बनाकर रह रहे थे। इसके पहले 3 लोगों को मुआवजा के तौर चेक दिया गया था। लोगों के घरों के वैल्यू के मुताबिक अलग-अलग मुआवजे की राशि दी गई थी। इसके साथ ही सभी को ग्राम पंचायत इलाके में घर बनाकर देने का आश्वासन भी दिया गया।
हंगामा करने वाले के खिलाफ ईसीएल द्वारा एफआईआर
चरणपुर ओसीपी क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों को जगह खाली करने की दूसरी नोटिस देने गए अधिकारियों के समक्ष कुछ ग्रामीणों द्वारा हंगामा किया गया। अधिकारियों को पीटने व उनकी गाड़ी में आग लगाने की धमकी देने को लेकर बाराबनी थाने में लिखित एफआईआर दर्ज करायी गई। अधिकारियों ने चरणपुर हाटतला गांव के अजीत बाउरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने ईसीएल के अधिकारियों को नोटिस देने का विरोध किया और अपशब्दों का प्रयोग किया। उस पर यह भी आरोप है कि उसका पूरा परिवार ग्रामीणों के सामने अधिकारियों से भिड़ गए। उसने अधिकारियों के हाथ-पैर तोड़ने व उनकी गाड़ियों को आग के हवाले करने की धमकी भी दी थी।