ईसीएल ने संवार दिया बोलकुंडा प्राथमिक विद्यालय का भविष्य

ईसीएल ने संवार दिया बोलकुंडा प्राथमिक विद्यालय का भविष्य
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सालानपुर : क्षेत्रीय विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ईसीएल के सालानपुर एरिया ने 52 लाख रुपये की लागत से बोलकुंडा प्राथमिक विद्यालय के लिए आधुनिक स्कूल भवन का निर्माण कराया। रेमेडिएशन प्लान एंड नेचुरल एंड कम्युनिटी रिसोर्स ऑगमेंटेशन प्रोजेक्ट (मोहनपुर 2.5 एमटीपीए) के तहत निर्मित इस नए भवन का शनिवार को विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर क्षेत्रीय महाप्रबंधक धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं विधायक विधान उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विद्यालय भवन की चाभी भी स्कूल प्रबंधन को सौंपी गई।

1930 की विरासत, अब आधुनिक रूप

सन् 1930 में स्थापित यह ऐतिहासिक विद्यालय अब अत्याधुनिक सुविधाओं और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे से सुसज्जित होगा। नए भवन से विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे क्षेत्र के शैक्षणिक स्तर में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। विधायक विधान उपाध्याय ने भावुक शब्दों में कहा कि आज जब जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए विवाद और हिंसा देखने को मिलती है, ऐसे समय में चट्टराज परिवार ने भूमि दान कर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के साथ कक्षाएं, सुरक्षित वातावरण और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे बोलकुंडा और आसपास के गांवों के बच्चों को अब बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने परियोजना के लिए सहयोग देने वाली सभी संस्थाओं और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध ईसीएल

महाप्रबंधक धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कंपनी खनन कार्य के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाएं निरंतर जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज को स्थायी विकास की राह पर अग्रसर करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विद्यालय आने वाले वर्षों में सैकड़ों बच्चों के सपनों को साकार करने का केंद्र बनेगा। स्थानीय अभिभावकों और शिक्षकों ने भी ईसीएल प्रबंधन की इस पहल को सराहा और इसे क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया।

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