

बर्नपुर : आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा जोर-शोर से प्रचार कर रही है तो दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस भी आपस में बैठकर रणनीति बना रही है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से तापस बनर्जी पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 78 के पार्षद अशोक रूद्र को इस बार टिकट मिल सकता है लेकिन पार्टी ने अंततः रानीगंज के निर्वतमान विधायक पर ही विश्वास जताया। इसी बीच उनके नाम की घोषणा के बाद से पार्टी में कुछ लोगों के बीच असंतोष भी दिखने लगा है। इस असंतोष को पार्टी कैसे ठीक करेगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा पर चुनावी समर में असंतोष घातक भी हो सकता है।
अशोक रूद्र ने सोशल मीडिया व्यक्त की नाराजगी
वार्ड 78 के तृणमूल पार्षद अशोक रूद्र ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक विस्तृत संदेश जारी किया। उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए कहा कि यह पार्टी का आंतरिक फैसला है, जिसे वे पूरी तरह स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 22 वर्षों से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और हमेशा आम जनता, खासकर श्रमिकों और शिक्षकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने इस्को में स्थानीय लोगों की नियुक्ति, बर्नपुर स्टील प्लांट के ठेका श्रमिकों को कम वेतन मिलने जैसे कई अहम मुद्दों पर आवाज बुलंद की है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे जल्द ही अपने समर्थकों के साथ बैठक कर अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई अहम फैसला लेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों और शिक्षकों के हित में उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।