हिन्दू धन जमा करना नहीं बल्कि उससे मदद करना भी सिखे : शंकराचार्य

भारत अखंड था और आगे भी रहेगा
हिन्दू धन जमा करना नहीं बल्कि उससे मदद करना भी सिखे : शंकराचार्य
Published on

आसनसोल : देश के कई इलाकों में लोग धर्मच्यूत हो रहे हैं। ऐसा न हो इसके लिए हिंदुओं को भी जागरूक होना होगा। हिंदू अपनी 10 पीढ़ियों के लिए धन जमा ना कर उसे गरीब व कमजोर हिंदू की मदद करने में लगानी चाहिए। तभी लोग धर्मच्यूत नहीं होंगे। उक्त बातें सनातन धर्म के सर्वोच्च गुरु श्री गोवर्द्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज ने कहीं। वे पंचगछिया स्थित कार्यक्रम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनके सवालों का जवाब दे रहे थे। वहीं दीधा में बंगाल सरकार द्वारा बनाये गये जगन्नाथ मंदिर को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि दीघा में बंगाल सरकार द्वारा बनाया गया जगन्नाथ मंदिर धार्मिक नहीं आर्थिक प्रकल्प के तौर पर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अगर भाषा को लेकर अराजकता फैलायी जा रही है, प्रताड़ित किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में बांग्ला भाषियों के साथ भी वैसा होना स्वाभाविक है और अगर यहां ऐसा नहीं हो रहा है और दूसरे जगहों ऐसा हो रहा है तो वह गलत है और शासन प्रशासन को इस पर नजर देना चाहिए। सेवा, शिक्षा, रक्षा,मातृशक्ति का सम्मान, जनसंख्या नियंत्रण करने वाला ही सनातनी होता है। संसार के हर व्यक्ति में कुछ न कुछ खामियां अवश्य होती हैं। प्रधानमंत्री में भी कुछ खामियां हैं जिसे ठीक करने की जरूरत है। भारत अखंड था और आगे भी रहेगा। भारत का अब खंड नहीं होना चाहिए बल्कि इसका विस्तार होना चाहिए। सनद रहे कि वे यहां गुरु दीक्षा भी प्रदान करेंगे। वे उपस्थित श्रद्धालुओं के सवालों का जवाब दे रहे थे। एक 8 वर्षीय बच्ची ने उनसे कहा कि उसके पिता उसकी मां के साथ मारपीट करते हैं। कुछ ऐसा उपाय कीजिए कि उसके पिता सुधर जाएं। इस तरह कई लोगों ने सवाल किये जिसका उन्होंने जवाब दिया। मौके पर शंकराचार्य के सेवक ऋषिकेश ब्रह्मचारी, शंभूनाथ झा सहित व्यापक संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in