

दुर्गापुर : पानागढ़ सेना छावनी और विभिन्न कंपनियों को सामान आपूर्ति करने वाले सिंडिकेटों के बीच चल रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। नए सिंडिकेट के विरोध में पुराने तीन सिंडिकेटों के सदस्यों ने बुदबुद थाना परिसर के सामने जमकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। इलाके में सिंडिकेट चलने को लेकर दो पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
विवाद का कारण : नया सिंडिकेट और कम दाम
बुदबुद में पहले से ही तीन व्यावसायिक संस्थाएं (सिंडिकेट) विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति का काम कर रही थीं। हाल ही में एक चौथा सिंडिकेट बन गया। पुराने सिंडिकेट के सदस्यों ने आरोप लगाया कि नया सिंडिकेट कम कीमतों पर सामान की आपूर्ति कर रहा है, जिससे उनके व्यवसाय को भारी नुकसान हो रहा है। तीन पुराने सिंडिकेट के सदस्यों ने इसी मांग को लेकर थाने का घेराव किया और नए सिंडिकेट को बंद करने की मांग करते हुए सुबह से ही थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उपप्रधान पर हमला और मिर्ची पाउडर झोंकने का आरोप
प्रदर्शन के कारण तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था, लेकिन स्थिति तब और बिगड़ गई जब बुदबुद ग्राम पंचायत के उपप्रधान रुद्र प्रसाद कुंडू थाने पहुंचे। आरोप है कि जैसे ही उपप्रधान थाने के सामने पहुंचे चौथे सिंडिकेट के लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस दौरान उपप्रधान की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में अत्यधिक तनाव फैल गया, जिसके बाद बुदबुद थाने की पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि चौथा सिंडिकेट उपप्रधान रुद्र प्रसाद कुंडू के भाई दीपंकर कुंडू ने बनाया है। वहीं पुराने सिंडिकेट की मानें तो नए सिंडिकेट की वजह से उनका कारोबार खत्म हो रहा है। बाजार में उनके करोड़ों रुपये बकाया हैं। बकाया राशि की वसूली के लिए पुलिस से संपर्क करने पर ही नए सिंडिकेट से उनका विवाद शुरू हुआ। उपप्रधान जब अपने व्यक्तिगत काम से थाने पहुंचे थे, तभी उन पर हमला हुआ। वहीं पुराने सिंडिकेट के सदस्यों ने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले का उचित समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम बताया है।