

दुर्गापुर : दुर्गापुर में एक हिंदूवादी संगठन 'धर्मचक्र' ने मांस और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर 'हलाल' या 'झटका' का बोर्ड लगाना अनिवार्य करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के अध्यक्ष दीप दास ने पहले एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से अपनी बात रखी थी। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए संगठन के सदस्यों ने भिरंगी से लेकर बेनाचिति बाजार तक विभिन्न मांस और भोजन की दुकानों का दौरा किया। उन्होंने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी दुकानों पर स्पष्ट रूप से लिखें कि बेचा जा रहा मांस हलाल है या झटका। संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि यह कदम आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने शिकायत की थी कि वे जो खा रहे हैं, उन्हें उसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस अभियान के दौरान लोगों की यह शिकायतें सही पाई गईं, क्योंकि अधिकांश उपभोक्ता इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति में रहते हैं कि वे जो मांस खरीद रहे हैं, वह झटका है या हलाल। संगठन ने दावा किया कि दुकानों पर बोर्ड लगने से ग्राहक अपने धार्मिक विश्वास और पसंद के अनुसार सोच-समझकर निर्णय ले सकेंगे। बता दें कि गत दिनों से आसनसोल में भी गत दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित होटलों पर नाम के साथ होटल के मालिक का नाम लिखने को लेकर आरएसएस की शाखा मुख्य मार्ग की ओर से विभिन्न होटलों के समक्ष प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद होटल मालिकों को होटल के साथ मालिका का नाम बड़े अक्षरों में लिखने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हाईवे के कर्बला मोड़ के पास स्थित रोटी ढाबा, वेबल आईटी पार्क मोड़ स्थित गीतांजलि ढाबा, जुबली पेट्रोल पंप के समीप स्थित अपना घर नामक होटल सहित विभिन्न होटलों के समक्ष मुख्य मार्ग संगठन की ओर से प्रदर्शन किया गया था। होटल मालिकों को 48 घंटे के भीतर होटल और उसके मालिक के नाम बड़े अक्षरों में लिखने को कहा गया ताकि राहगीर समझ सके कि उक्त होटल हिन्दू का है अथवा मुस्लिम का। अब दुर्गापुर में मांस की दुकानों पर 'हलाल' या 'झटका' का बोर्ड लगाने की मांग कर इस मामले को एक कदम और बढ़ा दिया गया है।