

आसनसोल : राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 11 की समयावधि 30 जून को खत्म हो रही है। 1 जुलाई से वेतन समझौता 12 करवाने के लिए सभी श्रमिक संगठन केंद्र सरकार एवं कोल इंडिया पर दबाव बनाएंगे। इसके लिए 1 जुलाई को पूरे कोल इंडिया में मांग दिवस मनाया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी इंडियन माइंस वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव रमेंद्र कुमार ने दी। वे आसनसोल के चेलीडांगा स्थित सीएमएस कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार वेतन समझौता को लेकर गंभीर नहीं है। 2 जून को कोलकाता में हुई बैठक में सभी श्रमिक संगठनों की तरफ से वेतन समझौता 12 करने संबंधी मुद्दा उठाया गया था, जिसका जवाब अध्यक्ष ने नहीं दिया था। अब सभी श्रमिक संगठनों को एकजुट होकर श्रमिक हितों के लिए लड़ना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 4 लेबर कोड के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों को छीन लिया गया है। इसके खिलाफ सभी श्रमिक संगठनों को संयुक्त रूप से लड़ना होगा। मौके पर फेडरेशन के सचिव हरिद्वार सिंह, सीएमएस के महासचिव गुरुदास चक्रवर्ती, उपाध्यक्ष गोपाल शरण ओझा सहित सीएमएस के अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
कोलियरी इलाके से लोगों को हटाना अनुचित
ईसीएल द्वारा हाईकोर्ट का एक आदेश दिखाकर कोलियरी इलाके में बसे लोगों को हटाने का काम प्रारंभ किया गया है। इस मुद्दे पर रमेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों को बिना पुनर्वास दिए हटाना अनुचित है। इसका जोरदार विरोध करना ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने सीसीएल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जोरदार आंदोलन हुआ था, तो इस प्रकार के अभियान पर रोक लग गई थी। ठीक उसी प्रकार से यहां भी करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि एटक के नेताओं को आगे बढ़कर प्रभावितों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।