दामोदर नदी में ड्रेजिंग के नाम पर बालू उत्खनन का आरोप

महिलाओं ने बालू घाट पहुंचकर रोका काम
प्रदर्शन करती महिलाएं
प्रदर्शन करती महिलाएं
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इम्तियाज, सन्मार्ग संवाददाता

दुर्गापुर : दुर्गापुर के मायाबाजार वारिया इलाके में दामोदर नदी से बालू खनन दोबारा शुरू होते ही स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने एकजुट होकर वारिया स्थित बालू घाट पर धावा बोल दिया और खनन के साथ बालू के परिवहन कार्य को पूरी तरह से ठप करा दिया। घाट पर बालू खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और बालू लदे कई ट्रक खड़े देखे गए। महिलाओं के विरोध के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

उल्लेखनीय है कि मानसून के दौरान राज्य सरकार की ओर से नदियों से बालू खनन पर रोक लगाई गई थी। इस बीच वारिया के दामोदर नदी घाट पर खनन कार्य फिर से शुरू हुआ था। इससे पहले सोमवार की देर रात भी यहाँ दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन मंगलवार को स्थानीय महिलाएं खुलकर विरोध में उतर आईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे खेती-बाड़ी के ज़रिए अपनी आजीविका चलाती हैं, लेकिन बाहरी लोगों द्वारा घाट चालू किए जाने से उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है और रोजगार के साधन छिन रहे हैं।

वहीं जारी आदेश के अनुसार के तहत यह स्वीकृति राधाकृष्णा माइंस एंड मिनरल्स को दी गई है, जो NHAI के बोवाईचंडी-गुस्करा-कटवा 4 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर की खुदाई एजेंसी है। खुदाई दुर्गापुर बैराज से 2 से 7 किमी अपस्ट्रीम तक होगी। अब बांकुड़ा प्रशासन पोर्टल पर अप्रूवल के बाद एजेंसी ई-चालान से परिवहन कर सकेगी। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि ड्रेजिंग के नाम पर अवैध बालू उत्खनन हो रहा है। वहीं बालू गाड़ियों के कारण रास्ता खराब हो गया है।

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