साइबर ठगों ने मैजिक पेन का इस्तेमाल कर उड़ाये लाखों रुपये

हीरापुर थाना, 1930 और आसनसोल साइबर थाना में शिकायत की गई है
साइबर ठगों ने मैजिक पेन का इस्तेमाल कर उड़ाये लाखों रुपये
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बर्नपुर : हीरापुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 4 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए। हीरापुर थाना क्षेत्र के श्याम बांध निवासी संदीप दासगुप्ता के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने मैजिक पेन का उपयोग कर लाखों का चूना लगाया है। पीड़ित ने हीरापुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके साथ 4,35,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। वहीं हीरापुर थाना की पुलिस ने बीएनएस 316(2) एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।

क्या है घटना

मदर टेरेसा चिल्ड्रेन्स एकेडमी एंड फाइन आर्ट्स ट्रस्ट के ट्रस्टी संदीप दासगुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके ट्रस्ट के खाते में 19 मार्च 2026 को दोपहर को तीन धोखाधड़ी वाले लेन-देन हुए, जिसके कारण कुल 4,35,000 रुपये का नुकसान हुआ। आगे बताया है कि CBSE से मान्यता प्राप्त एक नया स्कूल बनाने के लिए बैंकों से लोन की तलाश में था, कारण अभी जो स्कूल मदर टेरेसा चिल्ड्रन्स एकेडमी एंड फाइन आर्ट्स (श्यामबांध) में है, वह केवल कक्षा VIII तक ही है। इसके बाद रोहित सिंह नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि वह टाटा कैपिटल से है और वे उसके नए प्रोजेक्ट के लिए लोन दे सकते हैं। 18 मार्च 2026 को असीम मल्लिक और संदीप सिंह नाम के दो व्यक्ति उसके श्यामबांध स्थित ऑफिस आए। उन्होंने बताया कि वे टाटा कैपिटल से 50 लाख रुपये का लोन दिलवा देंगे। इसके लिए उन्हें उनके ट्रस्ट के खाते का स्टेटमेंट, ट्रस्ट डीड की कॉपी, ITR, दो कैंसल्ड चेक और प्रोसेसिंग चार्ज के तौर पर 199 रुपये का एक चेक चाहिए था। वहीं जब उसने चेक तैयार करना शुरू किया, तो अभियुक्तों ने डॉक्यूमेंट्स मांगने के बहाने उसका ध्यान भटका दिया और उससे कहा गया कि आप डॉक्यूमेंट्स निकालिए, वे चेक भर देते हैं। असीम मल्लिक ने अपनी खुद की पेन से चेक भरे, जिसमें मैजिक इंक (जादुई स्याही) का इस्तेमाल किया गया था, जिसका उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं हुआ, कारण बाद में उन्होंने उन्हीं चेकों का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लिए। उसने चेक भरकर उनके सामने रख दिए। उसके बाद उन्होंने सभी चेकों पर उसके हस्ताक्षर ले लिए और कहा कि आजकल फाइनेंस कंपनियां कैंसल्ड चेक पर भी हस्ताक्षर मांगती हैं। इसके बाद अगले दिन 19 मार्च को 11:55 बजे उन्होंने उसे कॉल करना शुरू किया और वेरिफिकेशन के नाम पर उसके कॉल को होल्ड पर रखा। उसी समय वह अपने स्कूल के बच्चों के साथ व्यस्त था। अचानक दोपहर लगभग 1 बजे उसे बैंक से एक मैसेज मिला कि तीन ट्रांजेक्शन हुए हैं और उसके ट्रस्ट के खाते से पैसे कट गए हैं। इसके बाद उन्होंने 1930 सहायता केंद्र में शिकायत दर्ज कराई और इस मामले की सूचना साइबर थाना को भी दी।

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