

अभय, सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल : लाखों रुपये की ठगी करने से संबंधित मामले में आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले पर अपनी छानबीन की प्रक्रिया जारी रखते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसे दोबारा पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड पर लिए गए अभियुक्त का नाम करण लाल बताया गया था। वहीं उसकी रिमांड अवधि समाप्त होते ही उसे पुनः शुक्रवार को आसनसोल जिला अदालत के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने अभियुक्त की जमानत अर्जी रद्दकर उसे अगली सुनवाई होने तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
क्या थी पूरी घटना ?
बताया जाता है कि बीते 6 अक्टूबर को प्रतिबिंब पोर्टल की नियमित जांच के दौरान यह पता चला कि देशव्यापी साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े कुछ मोबाइल नंबर, उपकरण और बैंक खाते आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्र में स्थित स्थानों से जुड़े हुए हैं। वहीं प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण से एक संरचित नेटवर्क का भी संकेत मिला, जहां व्यक्ति धोखाधड़ी से प्राप्त की गई धन राशि को कई बैंक खातों के माध्यम से भेजता था, ताकि उसके स्रोत को छिपाया जा सके। इसके साथ ही इनके मुख्य संचालकों की भी पहचान छुपाई जा सके। बता दें कि यह नेटवर्क अलग-अलग परस्पर जुड़े हुए भूमिकाओं के माध्यम से संचालित होता था, जिनमें धोखाधड़ी करने वाले संचालक अपना भ्रामक संचार कर "म्यूल" खाते उपलब्ध कराते हैं और उक्त वारदात में एटीएम और अन्य चैनलों के माध्यम से नकदी निकालने वाले एजेंट भी शामिल हैं। वहीं पुलिसिया जांच के दौरान यह पता चला था कि अभियुक्त के यूको बैंक खाता में धोखाधड़ी से 2 लाख 29 हजार 200 रुपये जमा किए गए थे। इसके साथ ही यह भी पाया गया कि उक्त बैंक खाते के विरुद्ध धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन के संबंध में 5 शिकायतें भी दर्ज की गई थीं। हालांकि उक्त मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी है।