कांग्रेस के समर्थन से झालदा-2 में तृणमूल का बना बोर्ड

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कड़ी सुरक्षा में हुआ मतदान कार्य
प्रसन्न मुद्रा में पंचायत समिति की अध्यक्ष पुष्पारानी महतो
प्रसन्न मुद्रा में पंचायत समिति की अध्यक्ष पुष्पारानी महतो
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सन्मार्ग संवाददाता

पुरुलिया : पुरुलिया जिले में झालदा-2 पंचायत समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए। मंगलवार को हुए चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से तृणमूल कांग्रेस की सदस्य पुष्परानी महतो अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उन्हें कांग्रेस के छह सदस्यों समेत कुल 14 सदस्यों का समर्थन मिला।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचायत समिति के सभी 26 सदस्य मतदान के दौरान उपस्थित थे। चुनाव के बाद पुष्परानी महतो ने कहा कि सभी की राय को महत्व देते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम किया जाएगा।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया दबाव बनाने का आरोपियों

पुरुलिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष फणीभूषण कुमार ने दावा किया कि झालदा-2 पंचायत समिति में भाजपा का कोई सदस्य नहीं है। इसके बावजूद भाजपा तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह कोशिश नाकाम रही। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कड़ी सुरक्षा

पंचायत समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर प्रशासन पर उत्पीड़न और दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। अधिवक्ताओं के सूत्रों के अनुसार, सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।इसके बाद चुनाव के दिन सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी। झालदा के एसडीपीओ गौरव घोष ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।

भाजपा के खिलाफ एकजुटता का संदेश

इस चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेता और जिला परिषद सदस्य अर्जुन महतो भी कांग्रेस के साथ जुलूस में शामिल हुए। विधानसभा चुनाव में वह तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। अर्जुन महतो ने कहा कि भाजपा के कुशासन को रोकने के लिए यह गठबंधन आने वाले दिनों में पूरे राज्य को नई दिशा दिखाएगा। वहीं, पुरुलिया जिला भाजपा अध्यक्ष शंकर महतो ने पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों ने उन्हें पहले ही नकार दिया है, इसके बावजूद वे दिवास्वप्न देख रहे हैं।

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