भाजपा के दो गुटों के विवाद के कारण परेशान हुए आम आदमी

हाइ ड्रेन का निर्माण कार्य रुका
भाजपा के दो गुटों के विवाद के कारण परेशान हुए आम आदमी
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संजय, सन्मार्ग संवाददाता

​बर्दवान : नए और पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं (नव्य और आदि बीजेपी) के दो गुटों के आपसी विवाद के कारण गांव में हाई ड्रेन का निर्माण कार्य रुक गया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यह घटना बर्दवान के बैकुंठपुर 1 नंबर ग्राम पंचायत के स्वस्तिपल्ली इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ​इलाके की निवासी शिउली हलदर ने बताया कि वे लंबे समय से पंचायत से इस इलाके के लिए एक पक्के नाले की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में इस नाले को मंजूरी मिली थी। यह नाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 से शुरू होकर स्वस्तिपल्ली के बीच से होते हुए रेलवे लाइन तक स्वीकृत हुआ था। ​उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद इसका काम शुरू हुआ। तृणमूल सरकार के समय यह नाला केवल 2 फीट चौड़ा मंजूर हुआ था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद इसे 6 फीट चौड़ा करने की मंजूरी दी गई और काम शुरू हुआ। लेकिन इसके तुरंत बाद बीजेपी के दो गुटों के विवाद के कारण काम बंद कर दिया गया। ​काम रुकने से गांव में गंभीर समस्या पैदा हो गई है। खुला नाला होने के कारण लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बारिश के मौसम में पूरे इलाके का पानी यहां जमा हो रहा है, जिससे बदबू, मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू के खतरे से ग्रामीण डरे हुए हैं। शिउली देवी का कहना है कि उन्हें नेताओं के आपसी विवाद से कोई मतलब नहीं है, वे बस काम का जल्द पूरा होना चाहते हैं। सड़क पर निर्माण सामग्री पड़ी होने से आवाजाही में भी परेशानी हो रही है। ​स्थानीय निवासी गीता मंडल ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले तृणमूल में थे, वे अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं और वही इस काम में बाधा डाल रहे हैं। ​दूसरी ओर, बीजेपी के अंचल प्रमुख मन्मथ अधिकारी ने बताया कि तृणमूल के समय नाला कम चौड़ा स्वीकृत हुआ था। इसलिए उन्होंने ग्रामीणों के साथ पंचायत से बात करके इसे चौड़ा करवाया। यह लगभग 3 लाख रुपये का प्रोजेक्ट था। काम शुरू हो चुका था, लेकिन अचानक इलाके के कुछ स्वघोषित बीजेपी नेताओं ने उन पर अवैध रूप से पैसे लेने का झूठा आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मन्मथ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने उन नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है और 7 दिनों का समय दिया है। यदि जवाब नहीं मिला तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दी गई है। ​इलाके के निवासी और शिक्षक प्रशांत मजूमदार ने बताया कि यह नाला 15वें वित्त आयोग के तहत मंजूर हुआ था, जिसे 16वें वित्त आयोग में संशोधित करके बड़ा किया गया। काम रुकने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है, इसलिए ग्रामीण चाहते हैं कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

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