

सांकतोड़िया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कोयला क्षेत्रों में वर्षों से सक्रिय अवैध खनन, कोयला चोरी, भंडारण और तस्करी के नेटवर्क पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अब तक का सबसे व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ा प्रहार किया है। सीआईएसएफ मुख्यालय कोलकाता के सीधे मार्गदर्शन और लगातार रणनीतिक निगरानी में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान 540 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन भी कब्जे में लिए गए। यह कार्रवाई माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 (MMDR Act) के तहत की गई।
पूरे नेटवर्क को लिया गया निशाने पर
सूत्रों के अनुसार सीआईएसएफ ने इस बार केवल कोयला जब्त करने तक ही अभियान सीमित नहीं रखा, बल्कि अवैध खनन से लेकर चोरी, भंडारण और परिवहन तक की पूरी श्रृंखला को निशाने पर लिया। इसके लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार ऑपरेशन चलाए गए। मालूम हो कि इसी महीना में शीतलपुर सीआईएसएफ मुख्यालय में दो दिवसीय दौरे पर सीआईएसएफ के डीआईजी केपी सिंह आए थे। उन्होंने ईसीएल के कई एरिया में दौरा भी किया था। कमांडेंट राहुल सिंह गौतम द्वारा एमएमडीआर के तहत अवैध कोयला खनन के विरुद्ध किए जा कार्रवाई पर खुशी जताया था कहा कि इसी तरह अभियान चलाते रहें.
ड्रोन और इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल - कमांडेंट
कमांडेंट राहुल सिंह गौतम ने कहा कि अभियान के दौरान सीआईएसएफ ने चौबीसों घंटे गश्त, इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, संवेदनशील इलाकों पर विशेष नियंत्रण तथा अचानक छापेमारी की रणनीति अपनाई है। खदानों, कोयला डंपों, परिवहन मार्गों और अवैध भंडारण स्थलों पर लगातार नजर रखी जा रही है इसी रणनीति का परिणाम रहा कि बड़ी मात्रा में अवैध कोयला और उसे ढोने वाले वाहन जब्त किए जा सके।