

कुल्टी : प्रसिद्ध कथाकार तथा उपन्यासकार संजीव को " मुझे पहचानो" उपन्यास के लिये वर्ष 2023 का हिन्दी साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किये जाने पर सेल ग्रोथ वर्क्स प्रबंधन की ओर से कुल्टी कारखाना में उन्हें सम्मानित किया गया। सेल प्रबंधन कुल्टी के ईडी अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें हिन्दी साहित्य अकादमी के पुरस्कार से सम्मानित होने पर कुल्टी कारखाना में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा श्रमिकों में भी खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि संजीव का पूरा नाम राम संजीवन प्रसाद है, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने वर्ष 1965 से वर्ष 2003 तक कुल्टी कारखाना में केमिस्ट इंचार्ज के पद पर कार्य करते हुये मजदूरों के दर्द को नजदीक से देखा है जिसका चित्रण उन्होंने अपनी कहानियों एवं उपन्यासों में किया है। अनिल कुमार ने कहा कि वर्ष 2003 में कुल्टी कारखाना बंद हो गया था। संजीव ने वर्ष 2003 में स्वेच्छा सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी कहानियों में आदिवासी वंचना, जातिगत व्यवस्था, अवसरवादी राजनीति जैसी परिस्थितियों का उल्लेख किया है। प्रेमचंद के बाद संजीव को गांव-कस्बे का सबसे बड़ा लेखक माना जाता है। इस अवसर पर सीजीएम शांतनु घोष, जीएम कृष्णेन्दु दे, एमके भांगड़े एवं एजीएम पर्सनल जिशान आदिल सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।