शालबनी में ज़मीन खोदते समय कारतूस मिलने से फैली सनसनी

पुलिस का अनुमान है कि कारतूस करीब 15-16 साल पुराने हो सकते हैं
शालबनी में खेत से बरामद कारतूस और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
शालबनी में खेत से बरामद कारतूस और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
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मिदनापुर : पश्चिम मिदनापुर जिले के शालबनी में ज़मीन खोदते समय कारतूस के पैकेट निकले। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना सोमवार सुबह शालबनी के काशीजोड़ा इलाके के अश्नाशुली से सटे गमरिया इलाके में हुई। सूचना मिलने पर शालबनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, बरामद सभी कारतूस बहुत पुराने और निष्क्रिय हैं।
          पुलिस व स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह कुछ स्थानीय लोग चूहे पकड़ने के लिए ज़मीन खोद रहे थे। उसी समय, ज़मीन के नीचे से पैक किए हुए कारतूस निकले। इस घटना से इलाके में हंगामा मच गया। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने आकर कारतूस के पैकेट बरामद किए और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने बताया कि बरामद कारतूसों में 122 देसी सिंगल बैरल बंदूकों के और 57 एसएलआर के हैं। अभी यह पता नहीं चला है कि कारतूस वहां कैसे आए। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस का अनुमान है कि कारतूस करीब 15-16 साल पुराने हो सकते हैं। जिला पुलिस अधीक्षक पलाश चंद्र ढाली ने कहा, कुछ पुराने कारतूस बरामद हुए हैं। वे पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना को लेकर कई राजनीतिक विवाद शुरू हो गए हैं। शालबोनी के रहने वाले और युवा तृणमूल के राज्य महासचिव संदीप सिंह ने कहा, स्थानीय लोगों ने कहा है कि जिस जमीन से कारतूस बरामद हुए हैं, वह माकपा नेता शुकदेव महतो की है। काशीजोड़ा के इस इलाके से 2010-11 में कई शव बरामद हुए थे, बाद में कई कंकाल भी मिले थे। पुलिस को इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए। वहीं सीपीआई(एम) के जिला सचिव विजय पाल ने कहा, जंगलमहल के हज़ारों माकपा कर्मी समर्थकों की हत्याएं की गई थीं। बंगाल के सभी लोग यह जानते है पुलिस को ठीक से जांच करनी चाहिए कि कारतूस किस समय के हैं।

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