

आसनसोल : मंगलवार सुबह आसनसोल, दुर्गापुर एवं मुर्शिदाबाद में अदालत को बम से उड़ाने की धमकी देता हुआ एक ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार आसनसोल एवं मुर्शिदाबाद में मंगलवार सुबह जब अदालत में कामकाज का समय था, तभी 11 बजे बम की धमकी से दहशत फैल गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जिला जज को ई-मेल के जरिए यह धमकी मिली, जिसके बाद अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ई-मेल में दावा किया गया है कि अदालत परिसर में RDX और IED लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि दोपहर तक 5-7 माओवादी सदस्य जज के चेंबर के करीब पहुंचेंगे और रिमोट कंट्रोल से विस्फोट करेंगे। विशेष रूप से कोर्ट की तीसरी मंजिल पर बम होने की बात कही गई थी। इस संबंध में आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट पुलिस के डीसी (सेंट्रल) ध्रुव दास ने बताया कि इसकी सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आयी और माइक के जरिए घोषणा करके वकीलों, जजों और आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। बम स्क्वायड और स्निफर डॉग्स (खोजी कुत्तों) की मदद से पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू की गई। पूरे कोर्ट परिसर को पुलिस ने घेर लिया और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा इससे संबंधित एक मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गयी है। इस संबंध में आसनसोल के जिला जज देब प्रसाद नाथ ने कहा है कि प्राथमिक तौर पर यह एक फर्जी (Fake) धमकी लग रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस और बम स्क्वायड टीम की जांच में बम नहीं मिला।
मुर्शिदाबाद कोर्ट में भी मची हलचल
SIR के काम में नियुक्त करने पर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मेल से भेजे के बाद कोर्ट कर्मियों में सनसनी फैल गई है। मंगलवार दोपहर बहरमपुर में मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट जज के कोर्ट ऑफिस में एक धमकी भरा मेल मिला, जिससे डिस्ट्रिक्ट जज के कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट जज और जिले के एडिशनल सेशन जजों को मेल के जरिए SIR में दखल नहीं देने की धमकी दी गई है। मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि धमकी भरे मेल में कहा गया था कि कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब वे कोर्ट आये तो उन्होंने देखा कि चारों तरफ पुलिस तैनात है। स्नीफर डॉग्स लाए गए थे। कुल मिलाकर, डर का माहौल बन गया था।
क्या लिखा है ई-मेल में
धमकी भरा ई-मेल बांग्ला में लिखा हुआ है, जिसमें पश्चिम बंगाल के जज/तमिलनाडु पुलिस के DGP वेंकटरमन को संबोधित किया गया है। उक्त पत्र में तमिलनाडु में कुछ कांस्टेबलों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का उल्लेख किया गया है। साथ ही नक्सली एवं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का उल्लेख किया गया है। हालांकि प्रारंभिक रूप में इसे एक फर्जी ई-मेल माना जा रहा है। इस ई-मेल सहित पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है। जानकारों के अनुसार यह मामला दूसरे जिलों के साथ भी जुड़ा है, इसलिए इसकी एकीकृत जांच के लिए सीआईडी को सौंपने पर विचार हो सकता है।