

राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
बीरभूम : गिरफ्तार किए गए भूमि विभाग के कर्मचारी विश्वजीत साहा और टुलू मंडल के कर्मचारी कौसर अली को सिउडी ACJM अदालत में पेश किए जाने पर अदालत ने उन्हें 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। पता चला है कि भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी विश्वजीत साहा पत्थर के राजस्व संग्रह की DCR बुक वितरण के प्रभारी थे। वह तत्कालीन अधिकारियों के निर्देश पर उस DCR बुक को गेट पर टुल्लू मंडल के कर्मचारियों को सौंप देते थे। सरकारी वकील ने बताया कि उस DCR बुक के समान नंबर वाली नकली DCR बुक छापी जाती थी। इस मामले में सरकारी वकील ने अब्दुल करीम तेलगी के स्टाम्प पेपर घोटाले का जिक्र करते हुए उसकी तुलना टुल्लू मंडल के इस DCR घोटाले से की। जानकारी के मुताबिक, आज गिरफ्तार किए गए भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी विश्वजीत साहा को पुलिस ने 5 बार थाने बुलाकर पूछताछ की थी, जिसके बाद कल रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर, टुलू मंडल के कर्मचारी कौसर अली को भी कई बार थाने बुलाकर पूछताछ करने के बाद बुधवार रात गिरफ्तार किया गया। कौसर, टुलू मंडल के कई बैंक खातों की देखरेख का काम संभालता था। पुलिस ने उसके पास से कई चेकबुक जब्त की हैं। सरकारी वकील ने यह भी दावा किया कि विश्वजीत पत्थर के राजस्व संग्रह की DCR बुक कौसर को सौंपता था। हालांकि, विश्वजीत और कौसर के वकीलों ने अदालत में कहा कि पुलिस सिर्फ छोटी मछलियों (छोटे कर्मचारियों) को पकड़ रही है, जबकि तत्कालीन BLRO, मंत्री, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को छोड़ रही है।