हिंदी भाषाई विविधता को जोड़ने वाला धागा हैं : सीएमडी

हिंदी भाषाई विविधता को जोड़ने वाला धागा हैं - सीएमडी
विजेताओं को सम्मानित करते CMD डॉ सतीश झा व अन्य
विजेताओं को सम्मानित करते CMD डॉ सतीश झा व अन्य
Published on: 

जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता

सांकतोड़िया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) में शुक्रवार को राजभाषा माह 2026 पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. सतीश झा ने भाषाई विविधता में एकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाएं कंपनी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाले मोती हैं, जबकि हिंदी वह धागा है, जो इन सभी मोतियों को एक साथ पिरोकर एकता का सूत्र तैयार करती है। डॉ. झा ने कहा कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इनके माध्यम से न केवल सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा मिलता है, बल्कि कर्मचारियों के बीच आपसी संवाद और संबंध भी मजबूत होते हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दैनिक आधिकारिक कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि राजभाषा हिंदी का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसका नियमित इस्तेमाल कार्यालयों के दैनिक कार्यों में भी सुनिश्चित किया जाएगा। निदेशक तकनीकी (परियोजना एवं योजना) गिरीश गोपीनाथन नायर तथा निदेशक (तकनीकी/संचालन) चित्तरंजन कुमार भी उपस्थित रहे। सीएमडी डॉ. सतीश झा और उपस्थित निदेशकों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

क्षेत्रीय कार्यालयों और विभागों को मिला सम्मान

राजभाषा प्रतियोगिताओं के परिणामों में ''ग'' क्षेत्र श्रेणी में कुनुस्तोड़िया क्षेत्र ने पहला स्थान प्राप्त किया। काजोड़ा क्षेत्र दूसरे और बंकोला क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा।

वहीं, ''क'' क्षेत्र श्रेणी में राजमहल क्षेत्र ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। मुगमा क्षेत्र दूसरे और एसपी माइंस तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यालय के विभागों की श्रेणी में कंपनी सचिवालय ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग दूसरे और सीएमडी सचिवालय तीसरे स्थान पर रहा।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in