TET के पूर्वापेक्षित प्रभाव को वापस लेने की मांग

शिक्षक सम्मेलन का आयोजन
सम्मेलन को संबोधित करते वक्ता
सम्मेलन को संबोधित करते वक्ता
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बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षक समिति, बांकुड़ा जिला शाखा के तत्वावधान में बांकुड़ा धर्मशाला में शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में वर्षों के अध्यापन अनुभव और पुराने नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी (TET) के पूर्वापेक्षित प्रभाव को लागू किए जाने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने टीईटी से जुड़ी वर्तमान स्थिति, लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव को मान्यता देने तथा उनकी नौकरी की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने मांग उठाई कि पुराने नियमों और योग्यताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू की गई पात्रता शर्तों को थोपे जाने से उत्पन्न संकट का न्यायसंगत समाधान किया जाए। इस सम्मेलन के एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से मांग-पत्र भेजने के लिए शिक्षकों से हस्ताक्षर जुटाए गए। इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से पुराने नियमों से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी के भूतलक्षी प्रभाव से छूट देने और उनके वर्षों के अनुभव को मान्यता प्रदान करने की अपील की गई। जिले के विभिन्न हिस्सों से लगभग 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। संगठन के सदस्य सुमनजीत चटर्जी ने बताया कि सम्मेलन की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षक समिति के बांकुड़ा जिला अध्यक्ष शुभाशीष मंडल ने की। संगठन की ओर से मंच पर जिला महासचिव दीनबंधु भूषण और वरिष्ठ शिक्षक अंबुज दास उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों में बीपीटीए (BPTA) के समरेंद्र मंडल, एसटीईए (STEA) के रंजीत महतो तथा ‘आमरा द टीचर्स एसोसिएशन’ के प्रदेश अध्यक्ष देवब्रत महतो मौजूद थे।

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