संथाली माध्यम में बी एड यूनिट की मांग, बांकुड़ा में छात्रों ने किया चक्का जाम

घंटों जाम में फंसे रहे राहगीर
बांकुड़ा में सड़क जाम करते आदिवासी छात्र
बांकुड़ा में सड़क जाम करते आदिवासी छात्र
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बांकुड़ा: बांकुड़ा जिले के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (बी एड कॉलेज) में संथाली माध्यम (अलचिकी लिपि) से पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। 'संथाली मीडियम स्टूडेंट्स एसोसिएशन' के बैनर तले छात्रों ने दक्षिण बांकुड़ा के लाइफलाइन माने जाने वाले धलडांगा मोड़ पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया। सुबह 11 बजे से शाम 5:30 बजे तक चले इस प्रदर्शन से पूरे जंगलमहल और विष्णुपुर संभाग की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शाम को जिला प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद ही छात्रों ने जाम हटाया।

आपातकालीन सेवाओं को छोड़ बाकी सभी वाहन फंसे

धलडांगा चौराहा बांकुड़ा के जंगलमहल का मुख्य केंद्र है। यहीं से खातरा-मुकुटमणिपुर, रानीबांध-बारीकुल और तालडांगरा-सिमलापाल होते हुए रायपुर व विष्णुपुर जाने वाले प्रमुख मार्ग जुड़ते हैं। आंदोलनकारियों ने एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया, लेकिन बाकी निजी व यात्री वाहनों के पहिए थम गए। दूर-दराज के यात्रियों को भीषण गर्मी और जाम के चलते भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बुनियादी पढ़ाई तो हो रही, लेकिन शिक्षक बनने का विकल्प नहीं

एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसेनजीत हेम्ब्रम और सचिव सुबिन टुडू ने कहा कि राज्य में संथाली माध्यम से बुनियादी शिक्षा की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन डी एल एड और बी एड कॉलेज न होने से युवाओं का भविष्य अधर में है।

आंदोलन का समर्थन कर रहे 'भारत जाकात माझी परगाना' के पदाधिकारी बाबूनाथ टुडू ने कहा, "अलचिकी लिपि में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बांग्ला माध्यम में शिक्षक प्रशिक्षण लेना बेहद कठिन है। जब पढ़ाई संथाली में हुई है, तो बी एड भी उसी भाषा में होना चाहिए। यह छात्रों का बुनियादी अधिकार है।"

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य के शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित करते हुए मांग की कि जिले के किसी एक बी एड ट्रेनिंग कॉलेज में संथाली माध्यम (अलचिकी लिपि) के लिए कम से कम 50 सीटें तय की जाएं और इसे 2026-28 के शैक्षणिक सत्र से ही अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला

जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। शुरुआत में छात्र जिलाधिकारी से सीधे बातचीत की मांग पर अड़े रहे। शाम करीब 5:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।

अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर राज्य सचिवालय (नवान्न) से संपर्क में है और जल्द ही जिलाधिकारी आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस समाधान निकालेंगे। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने शाम को जाम खत्म किया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

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