बांकुड़ा जिला पुलिस का पूजा गिफ्ट, थानों को मिले 46 हाईटेक आपातकालीन वाहन

डायल 112 करते ही मिनटों में पहुंचेगी मदद,जीपीएस से ट्रेस होगी लोकेशन
अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस पुलिस वैन
अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस पुलिस वैन
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बांकुड़ा: दुर्गा पूजा के पावन त्योहार से ठीक पहले बांकुड़ा जिला पुलिस ने महिला सुरक्षा और आम नागरिकों की हिफाजत के लिए बड़ा कदम उठाया है। इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत जिले को अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘डायल 112’ के 46 नए आपातकालीन वाहन सौंपे गए हैं। इनमें 23 चार पहिया वाहन और 23 विशेष पेट्रोलिंग बाइक शामिल हैं। इस नई व्यवस्था के बाद रात के सफर में संकट में फंसी महिलाओं और सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटकर महज कुछ मिनट रह जाएगा। बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीजी सतीश पासुमारथी ने बताया कि जिले में ‘112’ सेवा को जमीन पर असरदार बनाने के लिए हाईटेक सुविधाओं से लैस 46 ईआरएसएस वाहन मिले हैं। इन सभी वाहनों को जिले के 23 थानों में वितरित कर दिया गया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पूरे राज्य में आपातकालीन सेवा तंत्र को मजबूत करने के लिए थानों को कुल 450 चार पहिया वाहन और 450 विशेष बाइक आवंटित की हैं, जिसके तहत बांकुड़ा को यह बेड़ा मिला है।

क्या है ERSS (112 सेवा) और यह कैसे काम करती है?

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया ERSS एक एकीकृत आपातकालीन नेटवर्क है। अब नागरिकों को पुलिस (100), दमकल (101), एंबुलेंस (102) और महिला हेल्पलाइन (1090) जैसे अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी आपात स्थिति में सिर्फ 112 डायल करना होगा। कॉल आते ही कंट्रोल रूम के स्क्रीन पर कॉलर की सटीक जीपीएस लोकेशन आ जाएगी और सबसे नजदीकी पेट्रोलिंग वैन तुरंत मौके पर रवाना हो जाएगी। इसके अलावा ‘112 India’ ऐप, एसएमएस और ईमेल से भी एसओएस (SOS) अलर्ट भेजा जा सकता है।

त्योहारों में महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच

कोतुलपुर के विधायक लक्ष्मीकांत मजूमदार ने कहा कि पहले ग्रामीण इलाकों में पुलिस पहुंचने में वक्त लगता था, लेकिन अब संकरी गलियों और दूरदराज के क्षेत्रों में भी त्वरित मदद पहुंचेगी। स्थानीय महिलाओं और छात्राओं का कहना है कि पूजा पंडालों की भीड़भाड़ और देर रात आवाजाही के दौरान ये गाड़ियां सुरक्षा कवच साबित होंगी।

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