

संजय सन्मार्ग संवाददाता बांकुड़ा: छातना थाना क्षेत्र स्थित एक बंद निजी फैक्ट्री में मंगलवार रात 25 से 30 बदमाशों के संगठित गिरोह ने सुनियोजित तरीके से धावा बोला। हालांकि, पुलिस और फैक्ट्री के निजी सुरक्षाकर्मियों की त्वरित मुस्तैदी से चोरी का यह बड़ा प्रयास नाकाम हो गया। पुलिस ने मौके से घेराबंदी कर गिरोह के तीन शातिर बदमाशों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके बाकी साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। अभियुक्तों के कब्जे से 137.22 किलोग्राम तांबे के तार और वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी जब्त की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुकुमार उर्फ काली चांद, अतानु दास और लोब कर्माकर शामिल है। तीनों बांकुड़ा सदर के केंजाकुरा इलाके के निवासी हैं। बुधवार को तीनों को बांकुड़ा अदालत में पेश किया गया।
गुप्त इनपुट पर तुरंत बिछाया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 25-30 बदमाशों का एक गिरोह बोलेरो वाहन के साथ बंद फैक्ट्री के असुरक्षित गेट से अंदर घुसा है। इनका इरादा फैक्ट्री से कीमती मशीनरी पार्ट्स और कॉपर के भारी तार उड़ाने का था। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी।
वारदात के बाद जैसे ही सफेद रंग की बोलेरो फैक्ट्री के मुख्य गेट से बाहर निकलने लगी, पहले से तैनात पुलिस बल ने उसे रोकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही ड्राइवर और उसके दो साथी वाहन छोड़कर अंधेरे में भागने लगे। सतर्क जवानों ने पीछा कर तीनों को कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। बोलेरो की तलाशी लेने पर पीछे से 137.22 किलो तांबे के कटे हुए तार बरामद हुए, जिनके कोई दस्तावेज आरोपी पेश नहीं कर सके।
दुर्गापुर तक फैला है गिरोह का तार
प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूला कि वे पिछले एक साल से अंतरजिला स्क्रैप माफिया के लिए काम कर रहे हैं। इनका नेटवर्क पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर, वारिया और मायाबाजार के औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय है। पुलिस अब अभियुक्तों के फरार साथियों और चोरी का तांबा खरीदने वाले कारोबारियों के नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।