10 साल से नाम बदलकर रह रहा बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार

10 साल से नाम बदलकर रह रहा बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार
Published on

आनन्द, सन्मार्ग संवाददाता

मुर्शिदाबाद : मुर्शिदाबाद की रानीतला पुलिस ने एक ऐसे बांग्लादेशी घुसपैठिये को गिरफ्तार किया है जो लगभग दस साल पहले भगवानगोला बॉर्डर के रास्ते गैर-कानूनी तरीके से इस देश में आया था। उसने रानीतला थाने की सीमा से सटे आखरीगंज नतुनग्राम में एक रिश्तेदार के घर में पनाह ली। वहीं कुछ साल बाद उसने उसी गांव की एक लड़की से शादी कर ली और परिवार बसा लिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई, बाद में उसने अपने ससुर को अपना पिता बना लिया और इस देश का वोटर और आधार कार्ड बनवा लिया। इसके साथ ही उसने अपना नाम भी बदल लिया। वहीं बुधवार रात पुलिस ने आखरीगंज नतुनग्राम से नूर आलम शेख उर्फ रोनी शेख नाम के बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया। भगवानगोला SDPO बिमान हलदर ने बताया कि गिरफ्तार बांग्लादेशी को लालगोला के पद्म भवन (होल्डिंग सेंटर) भेज दिया गया है। उसे वहां कुछ दिनों तक रखा जाएगा और जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद वापस बांग्लादेश भेज दिया जाएगा। रानीतला थाने के पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार बांग्लादेशी का असली नाम नूर आलम शेख है। उसके पिता का नाम फरीदुल शेख है। उसका घर बांग्लादेश के राजशाही जिले के बिदिरपुर में है। वह दस साल पहले गैर-कानूनी तरीके से इस देश में आया था और आखरीगंज नतुनग्राम में पनाह ली थी। गांव में रहते हुए उसने उसी गांव के रहने वाले मजरूल इस्लाम की बेटी से शादी की और परिवार बसाया। खुद को इस देश का नागरिक साबित करने के लिए उसने अपने ससुर को पिता बताकर वोटर और आधार कार्ड बनवा लिया। भारतीय कागजात में उसका नाम नूर आलम शेख की जगह रोनी शेख था। रानीतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने कहा कि हमें कुछ दिन पहले स्थानीय सूत्रों से इस मामले के बारे में पता चला। फिर, हमने गुप्त रूप से इसकी जांच शुरू की। वहीं जैसे ही मामला कन्फर्म हुआ, नूर आलम शेख उर्फ रोनी शेख को बुधवार रात नतुनग्राम से गिरफ्तार कर लिया गया। गांव के मुस्तफा शेख ने कहा कि हमलोगों को कभी नहीं पता था कि बांग्लादेशी घुसपैठिया नूर आलम शेख गांव में रोनी शेख के नकली नाम से रह रहा है। मामला तब सामने आया जब पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर ले गई।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in