प्रसिद्ध मां घाघरबुड़ी मंदिर परिसर में प्लास्टिक इस्तेमाल पर लगी रोक

प्रसाद ले जाने के लिए मां घाघरबुड़ी की तस्वीर वाली थैले की होगी व्यवस्था
प्रसिद्ध मां  घाघरबुड़ी मंदिर परिसर में प्लास्टिक इस्तेमाल पर लगी रोक
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आसनसोल : कालीपहाड़ी स्थित घाघरबुड़ी चंडीमाता मंदिर प्रागंण में रविवार को स्वच्छता को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य की अर्बन डेवलपमेंट और म्युनिसिपल अफेयर्स मंत्री अग्निमित्रा पाल ने स्वच्छता से स्वागत नामक एक परियोजना का उद्घाटन किया। धर्म चक्र सेवा समिति के सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार देशवासियों से स्वच्छता बनाए रखने को लेकर आग्रह कर रहे हैं। इसी के तहत रविवार से मंदिर प्रांगण में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक लगा दी गयी है। इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट और गुटखा पर भी रोक लगाने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि कहीं भी गंदगी देखें तो तुरंत उसका फोटो खींचकर एप पर भेज दें। फोटो भेजने के 2 घंटे के भीतर वहां से गंदगी साफ करने के लिए सफाई कर्मी हाजिर हो जाएंगे। अगर कोई कीमती गाड़ी से जा रहा है और गाड़ी की खिड़की से गुटखा आदि खाकर थूकते देख कर हर लोगों को उसका विरोध करना है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे जहां-तहां पेशाब करने पर जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रांगण में चिप्स, बिस्कुट, चाय के कप आदि का इस्तेमाल करना भी नहीं चलेगा कारण उसके पैकेट प्लास्टिक के होते है। फेंके गए प्लास्टिक को मवेशी आदि खाकर अपनी जान गवां देते हैं। प्लास्टिक के कारण ड्रेन जाम हो जाने से पानी का बहाव रुक जाता है। शहर को साफ- सुथरा बनाने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। व्यापक संख्या में लोग जमीन खरीद कर उसे छोड़ देते हैं। जमीन की देख-रेख नहीं करने के कारण वहां घास व जंगली पौधों की भरमार हो जाती है। अब ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। जो लोग जमीन खरीदते हैं, उसकी सफाई भी करना उनका कर्तव्य है। इससे आसपास के लोगों को असुविधा होती है। मच्छरों व सांप-बिच्छुओं की बढ़ोतरी हो जाती है। जमीन मालिक को समय-समय पर वहां सफाई करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी 1 सितंबर से गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना के तौर पर 200- 500 रुपया वसूला जाएगा। आगे जुर्माना शुल्क में बढ़ोतरी कर सख्ती से शहर को साफ, सुथरा और स्वच्छ बनाने की योजना को जारी रखा जाएगा।

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