

कुल्टी: कुल्टी थाना अंतर्गत नियामतपुर में बीते रविवार देर रात एक बहुमंजिला आवास के पार्किंग क्षेत्र में लगी आग ने इलाके में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की तत्परता से जहां एक बड़ा हादसा टल गया, वहीं दमकल अधिकारी के अनुसार संबंधित इमारत में आग बुझाने का कोई समुचित इंतजाम नहीं था। इस घटना के बाद अब नियामतपुर के अन्य बहुमंजिला आवासों की सुरक्षा स्थिति को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
रविवार देर रात नियामतपुर फांड़ी के पीछे स्थित एक बहुमंजिला आवास से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही नियामतपुर फांड़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने इमारत में सो रहे सभी निवासियों को जगाकर सुरक्षित बाहर निकाला और दमकल विभाग को सूचित किया।
दमकल की एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक पार्किंग में खड़ी छह मोटरसाइकिलें और एक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। दमकल अधिकारी के अनुसार, शुरुआती तौर पर किसी वाहन से आग फैलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि इमारत में अग्निशमन के कोई उपाय मौजूद नहीं थे। नियामतपुर में पिछले कुछ वर्षों में कई बहुमंजिला इमारतें बनी हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इन इमारतों में:
अग्निशमन प्रणाली (फायर फाइटिंग सिस्टम) उपलब्ध है?
क्या इन उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव होता है?
आपात स्थिति के लिए सुरक्षित निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) मौजूद हैं?
क्या आग लगने की तुरंत चेतावनी देने वाले अलार्म क्रियाशील हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर धुआं तेजी से फैलता है, जिससे रात के समय स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसे में फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्ग अत्यंत अनिवार्य हैं।
पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी जनहानि तो टल गई, लेकिन इस घटना ने पूरे नियामतपुर क्षेत्र में बहुमंजिला आवासों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जरूरत को रेखांकित कर दिया है।