आशा कर्मियों ने धरना देकर रखी अपनी मांग

हड़ताल तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं
आशा कर्मियों ने धरना देकर रखी अपनी मांग
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आसनसोल : वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में पिछले वर्ष 23 दिसंबर 2025 से आशा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं आज आसनसोल के बीएनआर मोड़ इलाके में आशा कर्मियों ने धरना देकर अपनी मांगे रखी, साथ ही एक विरोध रैली निकाली गई और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगा रही थी। मौके पर मौजूद आशा कर्मियों के संगठन की नेता मंजू चक्रवर्ती ने कहा कि पिछले वर्ष 23 दिसंबर से आशा कर्मियों के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि उनका वेतन न्यूनतम 15 हजार रुपये किया जाए। इसके अलावा किसी आशा कर्मी की मौत होने पर उसके परिवार को 5 लाख रुपये दिए जाएं और किसी आशा कर्मी के अस्वस्थ होने पर उसके परिवार की मदद की जाए। आगे कहा कि 21 जनवरी को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के कहे अनुसार पूरे राज्य की आशा कर्मी कोलकाता के स्वास्थ्य भवन जाने के लिए तैयार थीं। वहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आशा कर्मियां अपनी मांगों पर चर्चा करेंगी लेकिन देखा गया कि विभिन्न क्षेत्रों में आशा कर्मियों को कोलकाता जाने से रोका गया। वहीं प्रशासन का इस्तेमाल करके उन्हें रोक दिया गया और जो आशा कर्मी कोलकाता पहुंच पाए, उनके साथ भी पुलिस का इस्तेमाल करके अमानवीय व्यवहार किया गया। इस मौके पर काफी संख्या में आशा कर्मी मौजूद थीं। इसके विरोध में और अपनी मांगों के समर्थन में आज वे यहां धरना दे रहे हैं और उनका यह आंदोलन और हड़ताल तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं।

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