

आसनसोल : आसनसोल के जीटी रोड के किनारे राहा लेन इलाके में शुक्रवार को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान के बाद सत्ताधारी दल के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी। इस मुद्दे पर राज्य के नगर व शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन हॉकरों की दुकानें बिना नोटिस के तोड़ी गई हैं, उनकी जिम्मेदारी सरकार लेगी और उनके लिए अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। उन्हें आसनसोल बस स्टैंड के पास स्थित पोटला मार्केट में अस्थायी रूप से स्थान दिया जाएगा। गिरजा मोड़ के पास जो सीपीएम के समय हॉकर मार्केट बनाया गया था, उसे विकसित करने के साथ अन्य क्षेत्रों में स्थायी हॉकर मार्केट विकसित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पुराने और वास्तविक हॉकरों का सर्वे कराया जाएगा तथा उन्हीं को पुनर्वास का लाभ मिलेगा। आगे कहा कि गिरजा मोड़ से उषाग्राम तक जो फुटपाथ पर सड़क के बिल्कुल किनारे, यातायात में बाधा बनने वाले और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले अतिक्रमण को सोमवार से 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। वहीं दुर्गापूजा और छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए बाजार के भीतर के पुराने अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले हॉकरों को फिलहाल 10 नवंबर तक का समय देने का भी निर्णय लिया गया है पर 10 नवबंर के बाद इस पर कार्रवाई होगी।
तीन अधिकारियों को किया गया शो-कॉज
राहा लेन इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियम संगत नहीं करने व मंत्री के निर्देशों की उपेक्षा के आरोप में नगर निगम के तीन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस दिया गया है। इस संबंध में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 10 जुलाई को नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने बिना पूर्व अनुमति और तय प्रक्रिया का पालन किए बिना बुलडोजर कार्रवाई कर दी। उन्होंने इसे गलतफहमी बताते हुए कहा कि इस मामले में संबंधित तीन अधिकारियों को तत्काल शो-कॉज किया गया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा स्वीकृत निर्णयों तथा मंत्री के निर्देशों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने बताया कि 9 जुलाई को प्राप्त शिकायतों के आधार पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि सड़क किनारे अवैध रूप से बैठे दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जाएगा और उन्हें 15 दिनों का समय दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि 9 जुलाई को ही नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन इसके अगले ही दिन बिना उनकी जानकारी और बिना निर्धारित समय सीमा पूरी हुए कुछ अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई कर दी, जो उचित नहीं था।