

राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
बीरभूम : जिस अनुब्रत की ''हुंकार'' देखने के जिलावासी अभ्यस्त थे, उसी अनुब्रत को तीन नवयुवकों के ''आक्रामक'' रूप के आगे हाथ जोड़ते देखा गया। वह भी खुद अपने ही पार्टी कार्यालय के भीतर। अनुब्रत की ओर तीन युवकों की गाली-गलौज और आंखें दिखाना ही नहीं, बल्कि तृणमूल के पूर्व जिला अध्यक्ष को कुर्सी पर बेबस बिठाकर लकड़ी के डंडे से तृणमूल के जिला कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। बुधवार शाम को अचानक सूरी इस दृश्य का गवाह बना। सिउड़ी स्थित तृणमूल के जिला कार्यालय के फर्नीचर, एसी, दरवाजे के कांच और कुर्सियों को तीन युवकों ने तोड़कर तहस-नहस कर दिया। अनुब्रत और उनके साथी चुपचाप मुंह बंद किए तोड़फोड़ का यह दृश्य देखते रहे।
तृणमूल के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, ''अच्छे'' तृणमूल नेता बने अनुब्रत मंडल इस दिन दोपहर सिउड़ी स्थित तृणमूल के पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इसका उद्देश्य पार्टी कार्यालय पर अपना दबदबा बनाए रखना था। जानकारी के मुताबिक, कई नेताओं को फोन करके बुलाया भी गया था, लेकिन उंगलियों पर गिने जा सकने वाले कुछ लोगों के अलावा कोई भी पार्टी कार्यालय की ओर नहीं भटका। किसी ने अनुब्रत के बुलावे पर प्रतिक्रिया तक नहीं दी। बिना सुरक्षाकर्मियों के अनुब्रत जैसे ही पार्टी कार्यालय की कुर्सी पर बैठे, सिर पर पट्टी बांधे तीन युवक हाथ में लकड़ी लेकर तृणमूल कार्यालय में घुस आए। अनुब्रत जिस कुर्सी पर बैठे थे, उस पर धड़ाधड़ वार किए जाने लगे। टेबल पर रखी हर चीज लकड़ी की डंडे के वार से टूटकर बिखर गई। अनुब्रत को निशाना बनाकर गालियां दी जाने लगीं। हमलावरों के आगे हाथ जोड़कर अनुब्रत मंडल ने जब शांत होने की अपील की, तो हमलावरों का गुस्सा और बढ़ गया। एसी से लेकर दरवाजे के कांच और कुर्सियों से लेकर फर्नीचर तक, किसी भी चीज को साबुत नहीं छोड़ा गया। महज तीन युवकों के इस दुस्साहसिक व्यवहार को रोकने की उपस्थित तृणमूल नेताओं व कार्यकर्ताओं ने रत्ती भर भी कोशिश नहीं की। इसके उलट, हमलावर युवकों ने लाठी लहराते हुए अनुब्रत को धमकी दी और कहा, तूने कम अन्याय किया है क्या? जवाब दे! बोल कि 15 सालों में तूने गलतियां की हैं।
अचानक हुए इस हमले से अनुब्रत पूरी तरह सहम गए। उनके पुराने तेवर का अंश भी नजर नहीं आया, बल्कि उन्होंने हाथ जोड़ने का रास्ता चुना। सूचना मिलते ही सिउड़ी थाने की पुलिस तेजी से मौके पर पहुंची। हमलावर युवक बिना किसी विरोध के खुद ही पुलिस की गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी में बैठते समय उन्होंने केवल ''जय श्री राम'' के नारे लगाए। पुलिस की ओर से बताया गया कि इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। दूसरी ओर, पुलिस सुरक्षा के बीच अनुब्रत शहर छोड़कर रवाना हो गए।