

सन्मार्ग संवाददाता
पुरुलिया : बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग को लेकर सोमवार को रघुनाथपुर में विरोध मार्च निकाला गया। रघुनाथपुर महकमा प्रदूषण विरोधी एवं प्राण-प्रकृति रक्षा मंच के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण, श्रमिक, आदिवासी और जनहित से जुड़े कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के बाद महकमा शासक आकाश दीप को मांगपत्र सौंपा गया। प्रदर्शनकारी शहर के ब्लॉकडांगा दुर्गा मंदिर के सामने एकत्रित हुए और विभिन्न मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए महकमा शासक कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से ने कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि रघुनाथपुर महकमा के विभिन्न क्षेत्रों में स्पंज आयरन, रैमिंग मास, सीमेंट और क्रशर कारखानों से निकलने वाले प्रदूषण तथा औद्योगिक सामग्री के परिवहन के दौरान सड़कों पर धूल और कचरा फैलने से पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। इससे बच्चों, बुजुर्गों, श्रमिकों और आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने सांस संबंधी बीमारियों के साथ सिलिकोसिस से पीड़ित और मृत श्रमिकों का मुद्दा भी उठाया। मंच ने पीड़ितों और मृत श्रमिकों का सही आंकड़ा सार्वजनिक करने, प्रभावित श्रमिकों के इलाज, उचित मुआवजे और बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना था कि विकास के नाम पर आम लोगों के स्वास्थ्य, जीवन-जीविका और प्रकृति को खतरे में नहीं डाला जा सकता। औद्योगिक विकास की योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय लोगों की राय और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कई संगठनों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में श्री सीमेंट प्रदूषण विरोधी पंचग्राम कमेटी, पारबेलिया जमीन रक्षा कमेटी, सेतु निर्माण एवं मत्स्यजीवी जीवन-जीविका रक्षा कमेटी, बेड़ो चंडी पहाड़ बचाओ कमेटी, पहाड़ीगोड़ा पहाड़ बचाओ एवं पर्यावरण रक्षा कमेटी, झाड़ुखामार स्पंज आयरन कारखाना विरोधी कमेटी, हुड़रा स्पंज आयरन एवं प्रदूषण विरोधी कमेटी, तिलाबनी पहाड़ बचाओ कमेटी, जोराडी स्पंज आयरन एवं प्रदूषण विरोधी कमेटी तथा दिगारडी श्याम स्टील प्रदूषण विरोधी कमेटी के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा प्रकृति बचाओ एवं आदिवासी बचाओ मंच, भारत जाकात माझी परगना महल (नीतुरिया ब्लॉक), प्रोग्रेसिव मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, आदिवासी सेंगेल अभियान, रघुनाथपुर जुआन महल, श्रमिक कल्याण संगठन और ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी, पुरुलिया समेत कई संगठनों ने भी कार्यक्रम का समर्थन किया।