

संजय सन्मार्ग संवाददाता
अंडाल: नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार लाहिड़ी ने ईसीएल के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रानीगंज कोलफील्ड्स में खनन गतिविधियों तथा भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व पुनर्स्थापन (R&R) कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। दौरे के अंतिम चरण में गुरुवार को उन्होंने ईसीएल के पायनियर प्रोजेक्ट सोनपुर बाजारी और देश के सर्वश्रेष्ठ भूमिगत खदान झांझरा प्रोजेक्ट का गहन निरीक्षण किया।
दौरे की शुरुआत बुधवार शाम ईसीएल और पश्चिम बर्धमान जिला प्रशासन की एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक के साथ हुई। ईसीएल के सीएमडी डॉ सतीश झा ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान रानीगंज कोलफील्ड्स और इससे जुड़े मास्टर प्लान पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। बैठक में नीति आयोग के एडीजी एवं परियोजना निदेशक (खान एवं खनिज) अनुपम लाहिड़ी, जिलाधिकारी पोन्नंबलम एस., एडीडीए के सीईओ विवेक कुमार, ईसीएल के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) गिरिश गोपीनाथन नायर सहित राज्य सरकार और ईसीएल के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सोनपुर गांव के स्थानीय लोगों से सीधा संवाद
गुरुवार को डॉ लाहिड़ी ने रानीगंज मास्टर प्लान के तहत अंडाल एयरपोर्ट क्षेत्र के पास स्थित पुनर्वास स्थल का दौरा किया और वहां चल रहे निर्माण व विकास कार्यों की प्रगति को परखा। इसके बाद वे सोनपुर बाजारी क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले पुनर्वासित न्यू सोनपुर गांव स्थित महादेव मंदिर में माथा टेका और सीधा संवाद कर पुनर्वासित परिवारों की समस्याओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को बहुत करीब से समझा। साथ ही, वहां मुहैया कराई गई नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया और गांव में विकसित बुनियादी ढांचे पर संतोष व्यक्त किया।
सोनपुर बाजारी परियोजना का निरीक्षण, स्क्रैप से बनी ड्रैगलाइन का उद्घाटन
सोनपुर बाजारी ओपनकास्ट परियोजना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यू पॉइंट से खनन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण और भूमि पुनरुद्धार के उपायों की जानकारी ली। क्षेत्रीय महाप्रबंधक शंभु कुमार झा ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिस पर डॉ लाहिड़ी ने परियोजना की प्रगति की जमकर सराहना की। इस दौरान 'विशेष अभियान 6' के तहत स्क्रैप पार्क की सफाई के दौरान निकले बेकार और अनुपयोगी सामानों से आईसीएल गेट के निकट तैयार मैरियन 7820-15 ड्रैगलाइन की एक खूबसूरत प्रतिकृति (रेप्लिका) का उन्होंने उद्घाटन किया। महाप्रबंधक शंभु कुमार झा ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के प्रोडक्शन, डिस्पैच, पुनर्वास और सीएसआर गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।
झांझरा भूमिगत खदान का निरीक्षण और पौधारोपण
अपने दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने देश की सर्वश्रेष्ठ भूमिगत खदानों में शुमार झांझरा प्रोजेक्ट का दौरा किया। यहां उन्होंने ईसीएल द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक मशीनीकृत भूमिगत खनन गतिविधियों का बारीकी से मुआयना किया।
महाप्रबंधक प्रबीर कुमार मंडल ने बताया कि डॉ लाहिड़ी ने झांझरा एमआईसी (MIC) का दौरा कर सीएम और लोंगवॉल पैनल का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और आकांक्षाओं को पूरा करने में खनिकों व कामगारों के योगदान की भरपूर सराहना की। इस दौरान उन्होंने सिंदूर पार्क परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।