

अंडाल: सिदुली कोलियरी में आये जलप्रलय में फंसे दो जांबाज कर्मियों हिंचलाल पासी और रमेश बक्सल के सामने मौत खड़ी थी, लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं हारी। सीने तक भरे पानी और भारी एयर प्रेशर के बीच दोनों रेंगते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। जिसके बाद कोलियरी प्रबंधन की तत्परता से उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बाहर आते ही दोनों ने खौफनाक मंजर बयां किया।
सीने तक पहुंचा पानी, एयर प्रेशर से नहीं खुला गेट
हिंचलाल पासी ने बताया कि वे दोनों 2 नंबर पिट में मुख्य पंप के पास ड्यूटी पर थे। खदान के ऊपरी फेस से अचानक पानी रिसने लगा। शुरुआत में लगा कि कोई स्टॉपिंग टूटा होगा, लेकिन देखते ही देखते पानी का तेज सैलाब आ गया। जान बचाने के लिए वे 3 नंबर पिट की ओर भागे, लेकिन भयंकर एयर प्रेशर के कारण ट्रेवलिंग रोड का गेट टस से मस नहीं हुआ। कुछ ही पलों में पानी सीने तक आ चुका था और सांसें थमने लगी थीं।
क्रॉस कट से रेंगते हुए पहुंचे, दिया इमरजेंसी सिग्नल
अंतिम उम्मीद के तौर पर दोनों को एक क्रॉस कट रास्ते की याद आई। वहां पहुंचे तो देखा कि कच्चा स्टॉपिंग पानी के बहाव से ढह चुका था। दोनों कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए मलबे और पानी के बीच रेंगना शुरू किया और किसी तरह 3 नंबर पिट के बॉटम तक पहुंचे। वहां मौजूद सीडीएस सिस्टम से सरफेस पर इमरजेंसी सिग्नल भेजा।
एटक नेता राजू राम ने बताया कि 2 नंबर पिट में पानी घुसने की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि उल्टी दिशा में निकली हवा के दबाव से लिफ्ट अपनी जगह से उखड़ गई। खदान के मुहाने पर भगदड़ की स्थिति बन गई थी। 3 नंबर पिट से सिग्नल मिलते ही प्रबंधन ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच दोनों कामगारों को लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया।