

संजय सन्मार्ग संवाददाता अंडाल : ईसीएल के केंदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिदुली कोलियरी में मजदूरों को अस्थायी आधार पर अन्य कोलियरियों में स्थानांतरित करने के प्रबंधन के फैसले के खिलाफ श्रमिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के बैनर तले आयोजित इस भारी विरोध प्रदर्शन में एटक, सीटू, केकेएससी और इफ्टू के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि बीते 5 अक्टूबर को बैरियर टूटने के कारण सिदुली कोलियरी में बंद पड़ी शंकरपुर ओसीपी का पानी सैलाब बनकर पूरे खदान में भर गया था, जिससे वह पूरी तरह जलमग्न हो गई। इस खदान में करीब 500 कामगार कार्यरत हैं और इस दुर्घटना के बाद से ही कोलियरी पूरी तरह बंद पड़ी है।
जेके यूनिट से निकली आक्रोश रैली
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सिदुली कोलियरी के जेके यूनिट में आयोजित प्रतिवाद सभा से हुई। इसके बाद सैकड़ों मजदूरों ने आक्रोशपूर्ण रैली निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए एजेंट कार्यालय पहुंचकर एक सभा में तब्दील हो गई।
सभा की अध्यक्षता इफ्टू के सचिव जगदीश गोप ने की। इस दौरान सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में केकेएससी के सचिव रवि बहादुर, सीटू के सभापति रविंद्र नाथ गोप और एटक के केंद्रीय सचिव राजेंद्र राम शामिल रहे।
"बिना चर्चा के मजदूरों पर थोपा गया फैसला"
श्रमिक नेताओं ने एक स्वर में आरोप लगाया कि मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बिना किसी विचार-विमर्श या बैठक के ही मजदूरों के अस्थायी तबादले का नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रबंधन ने मजदूरों को आगामी 9 नवंबर तक दूसरी कोलियरियों में योगदान देने का निर्देश दिया है, जिसे यूनियनों ने पूरी तरह मनमाना और अनुचित करार दिया है।
एटक नेता राजेंद्र राम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तानाशाही फैसला मजदूरों को कतई स्वीकार नहीं है। उन्होंने मांग उठाई कि स्थानांतरण से जुड़े किसी भी फैसले से पहले क्षेत्रीय एवं यूनिट स्तर पर मान्यता प्राप्त यूनियनों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की जाए। मजदूरों को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उनका तबादला किन-किन कोलियरियों में और किन शर्तों पर किया जाएगा।प्रदर्शन के अंत में संयुक्त कार्रवाई समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिदुली कोलियरी के पर्सनल मैनेजर को मांगपत्र सौंपा। पर्सनल मैनेजर ने आश्वस्त किया कि सभी मांगों और वार्ता के प्रस्ताव को तत्काल क्षेत्रीय प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही त्रिपक्षीय या द्विपक्षीय बैठक आयोजित कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद JAC ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।
"अभी कोई तबादला नहीं, केवल विकल्प मांगे गए"
केंदा क्षेत्र के महाप्रबंधक दिनेश शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल सिदुली कोलियरी के किसी भी कर्मी का तबादला नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जो कामगार अपनी इच्छा से पसंदीदा कोलियरी में जाना चाहते हैं, उनके लिए चॉइस (विकल्प) मांगा गया है। श्रमिक संगठनों के साथ विधिवत बैठक करने के बाद ही इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।