टोटो से स्कूल ड्रेस की तस्करी का आरोप

भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोका एवं जताई आपत्ति, इलाके में तनाव
टोटो में बरामद स्कूल ड्रेस
टोटो में बरामद स्कूल ड्रेस
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दुर्गापुर : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े नए-नए मामलों का पर्दाफाश हो रहा है। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता प्रत्येक दिन भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ कर रहे हैं। वहीं कांकसा में प्राथमिक विद्यालय की पोशाकों (यूनिफॉर्म) को टोटो में लादकर ले जाने के दौरान भारी तनाव व्याप्त हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्कूल ड्रेस की तस्करी का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। गुरुवार सुबह भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा कि कांकसा बीडीओ कार्यालय के पास स्थित वरुण ड्रामा एथलेटिक क्लब से बोरों में बंद स्कूल ड्रेस निकालकर एक टोटो पर लादा जा रहा था। उन सामानों को ले जा रहे लोगों से गंतव्य के बारे में पूछा गया, तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसी संदेह के आधार पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने टोटो को रोक लिया और जांच की मांग करने लगे। वहीं घटना की जानकारी तुरंत फोन के माध्यम से कांकसा के बीडीओ को दी गई। इस मौके पर भाजपा कर्मियों ने कहा कि जिन पोशाकों को बीडीओ कार्यालय के बगल में स्थित एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) भवन में रखा जाना चाहिए था, उन्हें एक क्लब के भीतर क्यों रखा गया था। उन्होंने आशंका जताई कि इन स्कूल ड्रेस को अवैध रूप से बेचने या तस्करी करने की योजना थी, जिसमें कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के लोग शामिल हो सकते हैं। शिकायत के आधार पर मामले की जांच होनी चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकारी स्कूल ड्रेस की तस्करी को रोका है। वहीं दूसरी ओर इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बर्दवान के तृणमूल कांग्रेस महासचिव देवदास बख्शी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्लब माकपा (सीपीआईएम) द्वारा संचालित है। माकपा कभी भी तृणमूल की मदद नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां कपड़े क्यों रखे गए थे, इसका जवाब वही लोग दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई भ्रष्टाचार हुआ है, तो प्रशासन इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करेगा। फिलहाल इस घटना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक गहमागहमी बनी हुई है। हालांकि कांकसा के बीडीओ सौरभ गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उस क्लब की जगह को किराए पर लेकर ही वहां स्कूल की पोशाकें रखी गई थीं। उन्होंने बताया कि उन पोशाकों को स्कूलों में भेजा जा रहा था। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अचानक इस तरह बड़ी मात्रा में पोशाकें ले जाते देख गलतफहमी पैदा हो गई, जिस कारण यह घटना हुई है। फिलहाल उन पोशाकों को वापस उसी स्थान पर रख दिया गया है। शिकायत करने वाले पक्ष को भी पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। वह मामले को सुलझा लिया गया है।

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