एसआईआर सुनवाई केंद्र में अराजकता का आरोप

पुलिस बनी मूकदर्शक बनी देखती रही शराबी की गुंडागर्दी
एसआईआर सुनवाई केंद्र में अराजकता का आरोप
Published on

सालानपुर : सालानपुर प्रखंड कार्यालय स्थित बीडीओ कार्यालय में शनिवार को आयोजित SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) सुनवाई केंद्र पर कानून-व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। इस दौरान एक ओर बीमार बुजुर्ग और दिव्यांग नागरिक धूप व लंबी कतारों में तकलीफ झेलते रहे रहे, वहीं दूसरी ओर शराब के नशे में धुत युवक ने केंद्र के अंदर जमकर उत्पात मचाया, जिससे सरकारी कामकाज कुछ समय के लिए ठप हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एथोड़ा निवासी सैकत पुतन्डी नामक युवक शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए एसआईआर केंद्र पहुंचा और अपनी सुनवाई पहले कराने की मांग को लेकर पुलिस कर्मियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। युवक की हरकतों से केंद्र में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के साथ आए लोग भयभीत नजर आए।

पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल

इस दौरान चौंकाने वाली बात यह रही कि शराबी युवक के हंगामे के बानजूद मौजूद पुलिस कर्मी काफी देर तक तमाशबीन बने रहे। वहीं न तो युवक को तत्काल हिरासत में लिया गया और न ही उसे केंद्र से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सख्ती दिखाती, तो हालात बिगड़ने से रोके जा सकते थे। सरकारी कार्यालय के भीतर शराब के नशे में हंगामा, अधिकारियों से बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा, ये सभी गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने अंततः हस्तक्षेप कर युवक को नियंत्रित किया, जिसके बाद सुनवाई प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकी। हालांकि तब तक सरकारी कार्य बाधित हो चुका था और आम लोगों का भरोसा डगमगा चुका था।

प्रशासन की सफाई, सवाल बरकरार

इस मामले में BDO देबांजन विश्वास ने बीएलओ की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। हालांकि शराब के नशे में सरकारी कार्यालय में हंगामा करने और पुलिस की प्रारंभिक निष्क्रियता पर प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in