

मुर्शिदाबाद : राज्य के कैबिनेट मंत्री और मुर्शिदाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक गौरीशंकर घोष ने रविवार को मुर्शिदाबाद जंक्शन स्टेशन पर अनियमितताओं और खराब सेवा का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्टेशन, मैनेजर, कर्मचारियों और आरपीएफ पर कई आरोप लगाए। मंत्री ने कहा कि आए दिन स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने यहां के कुछ गलत लोगों के साथ मिलीभगत करके बिना टेंडर के रेलवे की जमीन पर आम के बगीचे को बेच दिया है। कुछ तालाब ऐसे हैं, जिन्हें अवैध रूप से गलत लोगों को सौंप दिया गया है। स्टेशन मास्टर सीपीएम, कांग्रेस और तृणमूल के लिए दलाली कर रहे हैं। भाजपा समर्थक व्यापारियों को स्टेशन परिसर में बैठने नहीं दिया जा रहा है। वहीं जब मैंने यह सुना तो मैं आया और कहा कि अगर आप उन्हें बैठने देंगे तो सभी को बैठने देना होगा, नहीं तो कोई नहीं बैठेगा। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने कहा कि गौरीशंकर के लोग यहां नहीं बैठ पाएंगे। मंत्री व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि इस स्टेशन पर न्यूनतम यात्री सेवा नहीं है। सफाई कर्मचारी काम नहीं करते हैं। वे वसूली और रंगदारी के लिए आरपीएफ की मदद करते हैं। रात से लाइन में लगने के बाद भी तत्काल टिकट नहीं मिल रहे हैं। यहां के स्टाफ ने दो RPF वालों और पलाशी और देवग्राम के दो दलालों की मदद से सारे टिकट खरीद लिए। बाद में 200 रुपये वाले टिकट 2,000 रुपये में बेचे गए। इस मुनाफे का बड़ा हिस्सा RPF और रेलवे स्टाफ को गया। मेरे पास इसके सारे सबूत हैं। हमने यह गड़बड़ी पकड़ी। इसीलिए स्टेशन मास्टर और RPF नाराज हैं। इसीलिए हमारे लोगों को स्टेशन परिसर में व्यवसाय नहीं करने दिया जा रहा है। लेकिन, कांग्रेस, CPM और तृणमूल के लोग व्यवसाय कर रहे हैं। भारत सरकार, रेल मंत्री बेहतर सेवा देने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। लेकिन, यहां के स्टाफ काउंटर के अंदर शराब पीकर मजे कर रहे हैं। उन्होंने स्टेशन परिसर में गाड़ी पार्क करने पर लगने वाले फाइन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कहीं भी नो पार्किंग का निशान नहीं है। लेकिन, उऩके गाड़ी पार्क करने पर फाइन के तौर पर स्मोकिंग करने या रेलवे लाइन पार करने पर स्लिप दे रहे हैं। हम ऐसी गड़बड़ी नहीं होने देंगे। यहां गैर-कानूनी तरीके से कंक्रीट का शेड बनाया गया है। मैं डेढ़ महीने पहले स्टेशन मास्टर के पास आया था और कंस्ट्रक्शन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स देखना चाहता था। बाद में उन्होंने लोगों से कहा, मंत्री जी को समझ नहीं आ रहा है। वे जो कर सकते हैं, करें। मैं उन्हें दिखाता हूं कि मैं अभी क्या कर सकता हूं। मेरे लोग हर दिन स्टेशन आएंगे। वे मुझे रिपोर्ट करेंगे। मैं वह रिपोर्ट रेगुलर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और डिपार्टमेंट के अधिकारियों को भेजूंगा। एस्केलेटर ऑपरेटर का इंचार्ज आता नहीं है। वह घर बैठकर सैलरी ले रहा है। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए बने बाथरूम लंबे समय से बंद है। हालांकि, रेलवे पैसेंजर सेवा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। हालांकि, मंत्री की शिकायत पर स्टेशन मास्टर की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। ईस्टर्न रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर शिवराम माजी ने कहा, मैंने वीडियो देखा है। ADRM लेवल पर जांच शुरू कर दी गई है।