

अंडाल : खुद को सरकारी संस्थान का कर्मचारी बता फर्जी दस्तावेजों के जरिये बैंक को करीब एक करोड़ 3 लाख रुपये का चूना लगाने के मामले में फरीदपुर थाना की पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम प्रसेनजीत घोष है। वह पूर्व बर्दवान के रायना थाना अंतर्गत सिप्ता गांव का रहने वाला है। ज्ञात हो कि बीते 1 फरवरी को एसबीआई रीजनल बिजनेस ऑफिस, आसनसोल के आरएम आनंद कुमार पिंकू ने 7 लोगों के खिलाफ फरीदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया था कि सात ग्राहक चंदन कुमार ठाकुर, प्रसेनजीत घोष, चैताली बाउरी, गौतम चटर्जी, अजित पासवान, कार्तिक बागदी और खदीजा बेगम जमादार ने एसबीआई, इच्छापुर शाखा में केवाईसी दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप आदि जमा कर सैलरी अकाउंट खुलवाया। इसके बाद सातों ने बैंक से पर्सनल लोन लिया। बाद में पता चला कि सातों में से कोई भी सरकारी कर्मचारी नहीं है। लोन लेते वक्त उनलोगों ने जो सैलरी स्लिप व नौकरी से संबंधित दस्तावेज बैंक में जमा किये थे, वह सभी फर्जी हैं। इस धोखाधड़ी से बैंक को एक करोड़ 3 लाख 81 हजार 712 रुपये का नुकसान हुआ है। आईपीसी की धारा 420/467/468/406/34 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी थी। आसनसोल-दुर्गापुर के एसीपी (अंडाल, डिवीजन) पिंटू साहा ने सन्मार्ग से कहा कि बैंक से धोखाधड़ी के इस मामले में प्रसेनजीत घोष के रूप में पहली गिरफ्तारी हुई है। रविवार को उसे दुर्गापुर अदालत में पेश कर जांच को आगे बढ़ाने के लिए 3 दिनों के लिए रिमांड पर लिया गया है। मामले की गहनतापूर्वक जांच की जा रही है।