

आसनसोल : कई महीनों पहले आसनसोल के एक ज्वेलरी शोरूम में सोने की खरीदारी कर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई थी। उक्त मामले पर अपनी छानबीन की प्रक्रिया जारी रखते हुए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की आसनसोल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक और अभियुक्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार होने वाले अभियुक्त का नाम अजय कुमार साव बताया गया था। वह जामताड़ा (झारखंड) का रहने वाला है। उसे बुधवार को आसनसोल जिला अदालत के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। मामले के जांच अधिकारी ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर उक्त कांड में शामिल कुछ अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी समेत मामले पर अपनी विशेष छानबीन करने का हवाला देते हुए अभियुक्त को रिमांड पर लेने की अपील अदालत से की। अदालत ने अभियुक्त की जमानत अर्जी रद्दकर उसे 6 दिनों की रिमांड पर पुलिस के साथ भेज दिया।
क्या है पूरा मामला
बताया जाता है कि बीते 23 दिसंबर को आसनसोल स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में अज्ञात नंबर से कार्तिक हाटी नाम का एक फोन आया था। उसने शोरूम को बैंक का विवरण भेजने का अनुरोध किया, कारण वह कुछ सोने के सिक्के खरीदना चाहता था। उसी दिन उनके व्हाट्सएप पर बैंक विवरण भेज दिया गया था। वहीं बीते 27 दिसंबर को वह सोने के सिक्के खरीदने के लिए शोरूम में आया। उसने 53 ग्राम के सोने के सिक्के खरीदे, जिनकी कीमत 8 लाख 6 हजार 453 रुपये थी, जिसका बिल कार्तिक हाटी के नाम पर बना था, जिनका पता ओडिशा का था। शोरूम वालों ने खरीदार से उसका आधार व पैन कार्ड मांगा। हालांकि सत्यापन के लिए इनवॉइस में दिए गए उनके नंबर पर कॉल किया गया और पाया कि वह इस नंबर का उपयोग भी कर रहा था। सभी सत्यापन के बाद उनसे 8 लाख 6 हजार 453 रुपये के भुगतान के लिए कहा गया। उन्होंने IMPS के माध्यम से 4 लाख 90 हजार रुपये तथा 3 लाख 10 हजार रुपये स्थानांतरित किए। इसके साथ ही अमित कुमार ने दुकान पर 6 हजार 453 रुपये नकद भी दिए। शोरूम के कर्मचारियों ने भुगतान विवरण की दोबारा जांच पर पाया कि भुगतान एचडीएफसी बैंक के माध्यम से राज किशोर अग्रवाल नाम के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया गया है। उन्होंने राज किशोर अग्रवाल का आधार कार्ड प्रस्तुत करने का अनुरोध किया, जबकि उन्होंने आधार कार्ड के तहत राज किशोर अग्रवाल का आधार कार्ड शोरूम में रिकॉर्ड के लिए सौंप दिया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि कार्तिक हाटी के आधार कार्ड से उनका चेहरा मेल नहीं कहा रहा था। वहीं उसने बताया कि वह अमित कुमार है और कार्तिक हाटी की ओर से खरीददारी कर रहा है। उसने उन्हें अमित कुमार के नाम का आधार कार्ड दे दिया, जिसमें उसका चेहरा मेल खा रहा था। सभी दस्तावेज मिलने के बाद उसे सोने के सिक्के सौंप दिए और वह चला गया। वहीं 29 दिसंबर को शोरूम को दो ई-मेल प्राप्त हुए, जिनमें सूचित किया गया था कि 8 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया गया है। वहीं जब संपर्क किया गया तो बैंक ने बताया कि मामला साइबर अपराध विभाग के पास है और इस संबंध में पूरी जानकारी के लिए उन्हें साइबर अपराध विभाग से संपर्क करना होगा।