

पांडवेश्वर : ECL के पांडवेश्वर क्षेत्र अंतर्गत खोट्टाडीह भूमिगत खदान में सोमवार को 'B' शिफ्ट के दौरान हुई दुर्घटना में एलएचडी ऑपरेटर मोहन केवट की मृत्यु हो गई। घटना के बाद विभिन्न ट्रेड यूनियन के समर्थकों ने आश्रित को नौकरी, मुआवजा एवं पीएफ, ग्रैच्यूटी आदि राशि की अविलंब भुगतान की मांग को लेकर कोलियरी के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सेफ्टी के मुद्दे पर सवाल उठाया। बताया जा रहा है कि मोहन केवट इस दिन उक्त कोलियरी के 36 नंबर लेवल में काम कर रहे थे। संभवतः LHD मशीन की चपेट में आने से उनकी मौत मौके पर ही हो गई। घटना के बाद कोलियरी प्रांगण में उपजे तनाव को दूर करने और मृतक के परिवार को सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से प्रबंधन और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी है।
नौकरी और मुआवजे पर बनी सहमति
ECL प्रबंधन और विभिन्न यूनियनों (INTTUC, AITUC, CISTEA आदि) के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के अनुसार मृतक मोहन केवट की पत्नी द्वारा नामांकित आश्रित को सरकारी दस्तावेजों और संबंध प्रमाण पत्र के सत्यापन के बाद 'प्रोविजनल' नौकरी प्रदान किया जाएगा। 'घातक दुर्घटना' (Fatal Accident) के मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये की राशि 3 दिनों के भीतर प्रोसेस की जाएगी। इसके अतिरिक्त, NCWA-X के प्रावधानों के तहत 90,000 रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) भी दी जाएगी। लाइफ कवर स्कीम (LCS) का भुगतान नामांकित व्यक्ति के बैंक विवरण जमा होते ही तत्काल कर दिया जाएगा। ग्रेच्युटी और CMPF जैसे अन्य बकाये को भी दावा पेश करने के 3 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
जांच शुरू
दुर्घटना और किस परिस्थिति में हुई, प्रबंधन की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। वहीं सूचना मिलते ही सोमवार देर शाम DGMS के अधिकारीगण, कॉर्पोरेट सेफ्टी बोर्ड के सदस्य श्रीकांत दत्ता, जयंत मित्र खोट्टाडीह कोलियरी पहुंच दुर्घटना की जांच में जुट गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
पांडवेश्वर क्षेत्र के मैनेजर (HR) पल्लव खस्तगीर ने कहा कि हादसा कैसे हुआ, यह जांच का विषय है। ट्रेड यूनियन संग हुई बैठक में प्रबंधन ने मृतक के आश्रित पुत्र राहुल केवट को कंपनी के नियमानुसार मंगलवार से प्रोविजनल एम्प्लॉयमेंट पर बहाल करने पर सहमति जताई है।