नाबालिग की गला घोंटकर हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा

15 हज़ार रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश
नाबालिग की गला घोंटकर हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा
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राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
मिदनापुर : पश्चिम मिदनापुर जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने एक बच्चे की हत्या करने के आरोप में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उसे 15 हज़ार रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया। सरकारी वकील ने बताया कि जुर्माना न भरने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई गई है।
          बाल दिवस (14 नवंबर) को मिदनापुर जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने एक युवक को सात साल के बच्चे की हत्या करने का दोषी ठहराया। अदालती सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर 2021 में पश्चिम मिदनापुर जिले के गढ़बेता थाना क्षेत्र के गढ़बेरिया गाँव से सटे जंगल से अनिमेष लाहबर नाम के सात साल के बच्चे का शव 17 दिसम्बर को बरामद हुआ था। वह पिछले पांच दिनों से लापता था उसके बाद उसका शव बरामद किया गया। उसका मिदनापुर मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम किया गया था। हालांकि परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शव बरामद होने के बाद गढ़बेता थाने की पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गढ़बेरिया निवासी अनिमेष और कुछ अन्य बच्चे उसी साल 12 दिसंबर की दोपहर गांव में खेल रहे थे। उस समय गांव का ही एक युवक स्वदेश लाहबर अनिमेष को साइकिल पर बिठाकर ले गया था। घटना के समय अभियुक्त की उम्र 21 साल थी। काफी खोजबीन के बाद नाबालिग के परिवार को पता चला कि स्वदेश उसे ले गया था। पुलिस ने जांच की और स्वदेश को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग की गला घोंटकर हत्या की गई है और मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या नाबालिग से निजी दुश्मनी के कारण की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर कोर्ट के हवाले कर दिया था। इस मामले में कुल 15 लोगों की गवाहियां ली गई जिनमें एक डॉक्टर और 3 बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार को सरकारी वकील ने बताया कि जज ने स्वदेश लाहबर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया गया है।

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