

बीरभूम : बीरभूम जिला पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को बीरभूम की अदालतों ने तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में त्वरित सुनवाई करते हुए 4 आरोपियों को दोषी ठहराया, जिनमें से 3 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
पहला मामला
2010 का हत्या का मामला : 16 साल बाद आया फैसला
20 मार्च 2010 को इलमबाजार पुलिस स्टेशन में मामला (सं. 36/10) दर्ज किया गया था। आरोप था कि दो लोगों ने जबरन एक घर में घुसकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जांच अधिकारी उप-निरीक्षक (SI) अबुल कलाम ने जांच पूरी कर अभियुक्त अजय रॉय और नकुल चंद्र मंडल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सिउड़ी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (द्वितीय कोर्ट) में एपीपी शंकर चक्रवर्ती ने अभियोजन पक्ष का नेतृत्व किया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों, अजय रॉय और नकुल चंद्र मंडल को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरा मामला
2022 का दहेज हत्या मामला : पति को मिली उम्रकैद
जानकारी के अनुसार 17 जून 2022 को दुबराजपुर में शेख गुल मोहम्मद ने दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी असमा बीबी का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया और अंततः उसकी हत्या कर दी थी। जांच अधिकारी एसआई भास्कर रॉय और उनकी टीम ने महज 53 दिनों के भीतर सबूत जुटाकर धारा 498A/302 IPC और 3/4 डीपी एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल मॉनिटरिंग सेल की देखरेख और एपीपी बिकेश पोईतंडी की पैरवी के तहत मामला तेजी से आगे बढ़ा। गुरुवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (द्वितीय कोर्ट), सिउड़ी ने दोषी शेख गुल मोहम्मद को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
तीसरा मामला
2023 का नाबालिग से बलात्कार मामला में 10 साल की सजा
जानकारी के अनुसार 19 अगस्त 2023 को दुबराजपुर के 22 वर्षीय सौमेन बागदी ने अपनी 15 वर्षीया नाबालिग पड़ोसी के घर में जबरन घुसकर उससे दुष्कर्म किया था। एसआई अभिषेक घोष ने मामले की त्वरित जांच करते हुए केवल 55 दिनों में धारा 376(3) IPC और 4 POCSO एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल किया। सिउड़ी स्थित विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत की न्यायाधीश सरबनी मलिक चट्टोपाध्याय ने दोषी सौमेन बागदी को 10 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। एक ही दिन में तीन अलग-अलग गंभीर अपराधों में सजा मिलने से जिला पुलिस की त्वरित जांच, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूती की चौतरफा सराहना हो रही है।