विकसित भारत की नींव शिक्षा, नैतिकता और जिम्मेदार औद्योगिक विकास से ही संभव: सीएमडी

विकसित भारत की नींव शिक्षा, नैतिकता और जिम्मेदार औद्योगिक विकास से ही संभव: सीएमडी
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सांकतोड़िया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश झा ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब शिक्षा, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार औद्योगिक विकास को समान रूप से आगे बढ़ाया जाये। ये बातें काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एलुमनाई एसोसिएशन, धनबाद आसनसोल चैप्टर की ओर से आयोजित एक दिवसीय सेमिनार सह वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय जी की राष्ट्रनिर्माण की सोच आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि मालवीय जी की सोच केवल शिक्षा तक सीमित नहीं थी, बल्कि नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित में औद्योगिक विकास की स्पष्ट दिशा भी देती है। वहीं कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, विशेषकर कोयला क्षेत्र, देश की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक स्थिरता और सामाजिक विकास में रीढ़ की भूमिका निभा रहे हैं। इस सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बीएचयू के पूर्व छात्र, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

कोयला क्षेत्र की भूमिका पर विशेष जोर

ईसीएल सीएमडी ने कहा कि कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियाँ सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा,पर्यावरणीय संतुलन,स्थिरता, और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने सीएसआर, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में ईसीएल की पहलों का भी उल्लेख किया। सीएमडी सतीश झा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और पूर्व छात्र संगठनों के साथ संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ औद्योगिक नीतियों के समन्वय के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम विकसित और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

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