भाकपा कोलबेल्ट लोकल कमेटी (सेंट्रल) के 16वें सम्मेलन का आयोजन

निजीकरण और श्रमिक अधिकारों पर संघर्ष की रूप-रेखा की गई निर्धारित
भाकपा कोलबेल्ट लोकल कमेटी (सेंट्रल) के 16वें सम्मेलन का आयोजन
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जामुड़िया : रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) कोलबेल्ट लोकल कमेटी (सेंट्रल) का 16वां सम्मेलन जामुड़िया के सातग्राम स्थित लाल बंगला क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में श्रमिकों की समस्याओं और कोल सेक्टर में बढ़ते निजीकरण को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। सम्मेलन में कोलबेल्ट क्षेत्र से कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए लोकल कमेटी के सचिव गोपालकृष्ण ओझा ने बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने वर्तमान श्रमिक संकट पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोलियरियों का लगातार निजीकरण और श्रमिकों की छंटनी श्रमविरोधी मानसिकता का परिचायक है। इस अवसर पर सह-सचिव जेके मिश्रा, मनोज सिंह और अयोध्या विश्वकर्मा ने भी अपने विचार रखे। सम्मेलन में काउस मियां को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं कुल ग्यारह कार्यकारिणी सदस्यों का पैनल सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभी प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित पैनल को समर्थन देते हुए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में कोल सेक्टर में हो रहे निजीकरण के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। विशेष रूप से श्रमिकों की सुरक्षा, वेतनमान में कटौती, भविष्य निधि, मेडिकल सुविधाओं और काम के घंटे जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न कोल खदानों में जाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि श्रमिक अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो सकें। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती, युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका और ट्रेड यूनियन आंदोलन को पुनः सशक्त बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पूंजीवादी नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है जिससे श्रमिकों के हितों की रक्षा की जा सकती है। इस मौके पर जिला पार्टी सचिव पार्टी जिला की तरफ से पर्यवेक्षक और मुख्य अतिथि गुरुदास चक्रवर्ती, ओमप्रकाश तिवारी, अनिल सिंह सहित महिला एवं युवा, पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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