

विवाह पति-पत्नी को एक डोर से तो बांध देता है पर इस डोर के टूटने या मजबूत बने
रहने में सही दायित्व का निर्वाह भी पति-पत्नी दोनों को करना पड़ता है। किसी एक की
तरफ से भी हुई लापरवाही इस अटूट रिश्ते को तोड़ सकती है, इसलिए इस रिश्ते में
दोनों को एक दूसरे का ख्याल रखना पड़ता है।
सफल वैवाहिक जीवन के सूत्रों को गिना जाए तो गिनती समाप्त नहीं होगी पर अगर
आप केवल एक सूत्रा को अपना लें तो आपके सफल वैवाहिक जीवन की गारंटी तो ली
जा सकती है। यह सूत्र है एक दूसरे को समझना जिसे ‘अंडरस्टैंडिंग’ कहते हैं। यह
समझ आपके रिश्ते को मजबूत बनाती है।
अक्सर पत्नियों को यह शिकायत रहती है कि उनके पति बिना कुछ बात कहे पत्नियों से अपेक्षा रखते हैं कि उन्हें स्वयं ही समझ लेना चाहिए था। यही शिकायत पतियों को भी रहती है कि पत्नियां उन्हें समझती नहीं हैं। किसी-किसी विवाहित जोड़े में बिना कुछ बात कहे भी एक दूसरे को समझने की बुद्धिमता रहती है, जैसे अगर पति ज्यादा बात नहीं कर रहे या बात-बात में झुंझला रहे हैं तो वे परेशान हैं। यह परेशानी क्या है, इसके बारे में भी वे आसानी से अन्दाजा लगा लेती हैं। ऐसा अन्दाजा वे इसलिए लगा पाती हैं क्योंकि उनके वैवाहिक जीवन की प्रगाढ़ता ने उन्हें एक दूसरे को समझना सिखाया है। यह समझ व्यक्ति की परेशानी को कम करती है।
ऐसे ही कुछ विवाहित जोड़ों जो एक दूसरे को समझने का दावा करते हैं उनसे बात करने पर उन्होंने समझने के कुछ टिप्स बताए हैं। आइए जानते हैं इन टिप्स को :-
पत्नियों द्वारा बताए गए टिप्स:
अगर आपके पति बहुत ज्यादा सिगरेट पी रहे हैं, गम्भीर हैं, आपकी किसी भी बात का सही जवाब नहीं दे रहे तो समझ जाइए कि उनका मूड अच्छा नहीं। ऐसे में आप भी झुंझलाएं नहीं क्योंकि आपकी झुंझलाहट उनके मूड को और भी खराब कर देगी और हो सकता है गुस्से में वे आपको कुछ गलत बात बोल जाएं। ऐसे समय में आप उनसे अधिक प्यार से पेश आएं।
वो कुछ कहें भी तो बुरा मत मानें। उनसे प्यार से उनकी परेशानी का कारण जानने की अगर कोशिश करें और कारण पता चल जाने पर उन्हें सही सलाह भी दें। अगर पति कुछ ज्यादा प्रसन्न नजर आ रहे हैं या आप पर जरूरत से ज्यादा प्यार उडे़ल रहे हैं तो आपकी तो लाटरी ही लग गई। आप अपनी फरमाइशों को पूरा करवा सकती हैं। उनकी कोई आदत आपको पसंद नहीं तो उस पर बात कर उस आदत को बदल सकती हैं। कई पत्नियां तो पति के जरूरत से ज्यादा खुश होने के कारण ही ढूंढती रहती हैं। कारण मत ढूंढिए। इस खुशी को बांटिए।
पतियों द्वारा बताए गए टिप्स:
ऑफिस में अधिक काम के कारण कभी-कभी पति महोदय थके हुए नजर आते हैं। ऐसे में उन्हें आराम करने का समय दें। यह नहीं कि आते ही घर में हुई बातों का पिटारा खोलकर बैठ जाएं। जब वे अच्छा महसूस करें, तब घर के हाल-चाल की कथा शुरू करें।
जिस तरह पत्नियां अपने पति से अपनी प्रशंसा के शब्द सुनना पसंद करती हैं, ऐसी ही कुछ अपेक्षा पुरुष भी रखते हैं, इसलिए आप भी अपने पति की प्रशंसा करिए। उनकी सफलताओं में उनकी प्रशंसा कर उनका हौसला बढ़ाएं। अगर वे कुछ अच्छा पहनते हैं तो उनकी तारीफ कीजिए। कोई रंग उन पर फबता है तो उन्हें बताइए कि इस रंग में वे अच्छे लगते हैं।
पत्नियां भी अपने मायके वालों की इज्जत चाहती हैं और पति भी पत्नी से उम्मीद रखता है कि उसकी पत्नी उसके घरवालों को इज्जत दे पर जब आप पति के अभिभावकों की इज्जत नहीं करती तो वे भी कुछ ऐसा ही बर्ताव आपके घर वालों से भी करते हैं, इसलिए आप उन्हें इज्जत देने का प्रयत्न करें। अगर ससुराल वालों और आपके बीच कड़वाहट भी है तो भी पति के सामने उन्हें जाहिर न करें।
पत्नियां भी अपने मायके वालों की इज्जत चाहती हैं और पति भी पत्नी से उम्मीद रखता है कि उसकी पत्नी उसके घरवालों को इज्जत दे पर जब आप पति के अभिभावकों की इज्जत नहीं करती तो वे भी कुछ ऐसा ही बर्ताव आपके घर वालों से भी करते हैं, इसलिए आप उन्हें इज्जत देने का प्रयत्न करें। अगर ससुराल वालों और आपके बीच कड़वाहट भी है तो भी पति के सामने उन्हें जाहिर न करें।
पति-पत्नी की नोक -झोंक एक सामान्य बात है। हर रिश्ते में थोड़ी बहुत तकरार होती है पर मुश्किल तब आती है जब इस तकरार को दूर करना होता है। पत्नियां चाहती हैं कि पति ही उन्हें मनाएं और पति पत्नी से पहल की उम्मीद रखता है। असली मकसद तो तकरार दूर करने का होता है पर अहं के कारण दोनों पहल करने से कतराते हैं और तकरार लम्बी खिंच जाती है। इसलिए इस अंह को दूर कर कोई भी पहल कर दे तो समस्या आसान हो जाती है।
सोनी मल्होत्रा(उर्वशी)